छात्रों को ज़ूम एप के द्वारा पढा रहे है IBMR आईपीएस अकादमी के प्रोफ़ेसर

lockdown के अंतराल में भी IPS Academy के management के छात्रों की नियमित क्लास लग रही है, और वो भी ज़ूम एप के ज़रिए

मध्यप्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट…!!

कोरोना संकट के बीच प्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट ने धमाकेदार दस्तक दे दी है। शपथ लेते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। इनमें किसी एक से भी उबारना आसान नहीं है। कोरोना संकट के कारण एक तरफ लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। वायरस की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। दूसरी तरफ व्यापार, कारोबार, निर्माण सब ठप है। शराब की बिक्री पर रोक लगानी पड़ी है। नतीजे में देश के साथ मप्र भी दोहरी मार का शिकार है। लोग बीमार हो रहे हैं, कालकलवित हो रहे हैं और प्रदेश की आर्थिक हालत बिगड़ती जा रही है। सरकार को हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इन हालातों के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कमलनाथ की तत्कालीन सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए घोषित 5 फीसदी महंगाई भत्ता देने का आदेश रद्द करना पड़ा है।

पहले सियासी ड्रामा, फिर कोरोना संकट

जब साल का वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा था। विधानसभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी हो चुकी थी। ऐसे में प्रदेश में सियासी ड्रामा शुरू हो गया। राजनीतिक उठापटक के बीच कमलनाथ सरकार चली गई और भाजपा की सरकार आ गई। इस बीच कोरोना आ धमका। लॉकडाउन के बीच शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना पड़ी। मंत्रिमंडल नहीं गठित हुआ। लॉकडाउन के कारण सभी सरकारी, व्यापारिक तथा राजनीतिक गतिविधियां ठप हो गर्इं। बीस दिन में सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान हो गया। 14 अप्रैल तक कितना नुकसान होगा, कोई अंदाजा लगाने की स्थिति में नहीं है। लॉकडाउन की अवधि और बढ़ने की संभावना है। साफ है, वित्तीय संकट दस्तक दे चुका है। इसके और विकराल होने की संभावना है।

वित्तीय भयावहता, हर तरफ नुकसान

लॉकडाउन के कारण नुकसान की क्या स्थिति है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च के महीने में रजिस्ट्री करने वालों की संख्या 35 से 40 फीसदी से भी कम रही। केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि अटक गई। होटल, रेस्टोरेंट की आमदनी न के बराबर है। सिनेमा हॉल-मॉल सब बंद हैं। सरकार को टैक्स नहीं मिल रहा। छूट के प्रावधान अलग करना पड़ रहे हैं। वाहनों की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल और डीजल की खपत न के बराबर है। अर्थात हर तरफ नुकसान ही नुकसान।

दो हजार करोड़ घट सकता है टारगेट

वाणिज्य कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 54 हजार 888 करोड़ रुपए कर वसूली का टारगेट तय किया था। इसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। कोरोना का असर जमीन-मकान और दुकान की रजिस्ट्री पर दिखाई दे रहा है। रजिस्ट्री से राज्य सरकार को 65 सौ करोड़ राजस्व वसूली की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की मार की वजह से इस पर बड़ा अंतर आ गया।

शराब पी गई तीन सौ करोड़

सरकार को शराब की बिक्री से अच्छी खासी आमदनी होती है। कोरोना का असर इस आमदनी पर भी पड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश के बाद शराब की दुकानें बंद हैं। इस वजह से आबकारी विभाग को होने वाली आय घटना तय है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 11 हजार 500 करोड़ रुपए आय का टारगेट तय किया था। अब इसमें 300 करोड़ तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अर्थात लोग भले शराब नहीं पी रहे लेकिन शराब सरकार की आमदनी पी रही है।

माइनिंग से आय पर बड़ा फर्क

लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य बंद होने का सीधा असर माइनिंग पर पड़ा है। इससे सरकार को होने वाली आय बुरी तरीके से प्रभावित हुई है। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार से मिलने वाला क्षतिपूर्ति का पैसा राज्य सरकार को नहीं मिला। लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाती है तो हालात और खराब होंगे। शिवराज सिंह कहते हैं, आर्थिक हालात तो ठीक हो जाएंगे लेकिन अभी लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। इस आधार पर वे लॉक डाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं।

शिवराज के सामने एक साथ कई चुनौतियां

रबी फसल की खरीदी एक अप्रैल से शुरू होती है। लॉकडाउन के कारण सरकार ने यह 15 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया। लॉकडाउन बढ़ा तो इसमें परेशानी आएगी। इसके लिए भी सरकार को करोड़ों रुपए की जरूरत होगी। कमलनाथ ने समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी करने की मांग भी की है। ऐसे में सरकार के सामने अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की बड़ी चुनौती है। कोरोना के कारण पैदा संकट से प्रदेश कब तक उबर पाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।

भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के डिरेक्टर आईएएस कोरोना से संक्रमित हुए

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग में संचालक आईएस को कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहाँ पर उनका उपचार किया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार भोपाल के एक आईएएस डॉ. जे विजय कुमार को कोरोना से पॉज़िटिव पाएं जाने से मंत्रालय में हड़कंप मच गया हैं। यह अधिकारी राजधानी प्रसिद्ध निजी अस्पताल चिरायु में भर्ती किया गया है।

बढ़ सकता है #कोरोना ग्रसित तब्लीगियों का

दिल्ली। नियमों और निर्देशों को ताक में रखकर तब्लीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने और देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमण फैलाने के दोषी 960 विदेशियों का वीजा रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने इन विदेशियों को काली सूची में डालते हुए उनके लिए देश के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पर्यटन वीजा पर भारत आने के बाद तब्लीगी गतिविधियों में शामिल होकर इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है और इस वजह से उनका मौजूदा वीजा रद्द कर दिया गया है।

इसके साथ ही इन लोगों ने कोरोना आपदा के दौरान बड़ी संख्या में एकजुट नहीं होने के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है। इस वजह से इन सभी के भविष्य में भारत में प्रवेश पर रोक लगाते हुए उनको काली सूची में डाल दिया गया है। वीजा रद्द होने और काली सूची में शामिल होने के साथ ही इन विदेशी तब्लीगियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सकता है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस सहित सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को इन विदेशी तब्लीगियों के खिलाफ विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन कानूनों के अंतर्गत उनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को कैबिनेट सचिव के सख्त निर्देश के बाद पूरे देश में 9,000 तब्लीगियों और उनसे संबंधित लोगों की पहचान कर उनको आइसोलेशन में रखा गया है। यही नहीं, देश में 328 नए मामले सामने आने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1,965 हो गई है इनमें तब्लीग से जुड़े ग्रसित मरीजों की संख्या ही 400 है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक कई अन्य तब्लीगियों का टेस्ट किया जा रहा है और उनमें कोरोना से ग्रसित होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक तब्लीगी जमात से संबंधित तमिलनाडु में 173, राजस्थान में 11, अंडमान निकोबार में नौ, दिल्ली में 47, पुडुचेरी में दो, जम्मू-कश्मीर में 22, तेलंगाना में 33, आंध्र प्रदेश में 67 और असम में 16 लोग कोरोना से ग्रसित पाए गए हैं।

टेलीमेडिसिन सुविधा से घर बैठे होगा इलाज*

*व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के माध्यम से ले सकेंगे परामर्श ,आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल मोबाइल यूनिट घर पहुंचकर करेगी जांच*

       वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जब संपूर्ण देश करोना महामारी के संकट के दौर से गुजर रहा है, हर एक व्यक्ति को घर पर रहने की सलाह दी गई है। जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी बनाई जा सके एवं कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके।

सोशल डिस्टेंसिंग तथा व्यक्तियों के घरों में रहने के उद्देश्य को सार्थक करने के लिए जिला प्रशासन ने इंदौर में टेलीमेडिसिन सुविधा की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत *74892 44895* नंबर पर व्हाट्सएप वॉइस कॉल अथवा वीडियो कॉल के द्वारा एक्सपर्ट चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि, कोरोना के चलते लोगों के मन में भय की स्थिति भी है। तथा सामान्य सर्दी खांसी होने पर भी लोगों को तो कोरोना का भय सता रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा द्वारा व्यक्तियों की सर्दी, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण देखकर आवश्यक परामर्श दिया जा सकेगा। ऐसी स्थिति जहां व्यक्ति को समक्ष में परामर्श आवश्यक है,
वहां मेडिकल मोबाइल यूनिट द्वारा संबंधित के घर पहुंच कर भी सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित करना तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है।

डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा निष्क्रिय होगी.

अब तक डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी होते ही लोग उसका इस्तेमाल ऑनलाइन लेन-देन के लिए कर सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियम के मुताबिक़ 16 मार्च, 2020 से ज़ारी होने वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा डिसेबल (निष्क्रिय) होगी.

ग्राहकों को सुविधा दी जाएगी लेकिन इस सुविधा को उन्हें इनेबल (सक्रिय) कराना होगा.

नए कार्ड में सिर्फ़ दो सुविधाएं पहले से दी जाएंगी – एक एटीएम से पैसे निकालना और दूसरा प्वाइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) डिवाइसेज पर इस्तेमाल करना (जिसे आम भाषा में कार्ड स्वाइप से भुगतान करना कहते हैं)

इसी तरह से अभी तक जिन डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों ने अपने कार्ड का इस्तेमाल किसी ऑनलाइन लेन-देन के लिए नहीं किया है तो उनकी ये सुविधा भी डिसेबल हो जाएगी. उन्हें इसे इनेबल या चालू कराना होगा.

ग्राहक अपनी इच्छा से कभी भी ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा को चालू या बंद करा सकता है.

जो ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन करते रहते हैं उनकी सुविधा चालू रहेगी लेकिन उनके पास इसे जब चाहे बंद कराने और चालू करने का विकल्प मौजूद रहेगा.

लेकिन ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा के लिए ग्राहकों को तीन विकल्प दिए जाएंगे. पहला कार्ड नॉट प्रेजेंट (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन, दूसरा कार्ड प्रेजेंट (अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन और तीसरा संपर्क रहित लेनदेन.

कार्डधारक इन सुविधाओं को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. आप इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर), एटीएम के ज़रिए 24 x7 ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. ये सुविधा बैंक शाखाओं / कार्यालयों के स्तर पर भी उपलब्ध कराई जा सकती है.

विदेशो से वापस लौट रहे भारतीयों को चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

भारत सरकार ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए मंगलवार को कई तरह के यात्रा प्रतिबंधों की घोषणा की है. भारतीय नागरिकों से भी ग़ैर-ज़रूरी यात्राएं न करने के लिए कहा गया है. पंद्रह अप्रैल तक वीज़ा भी रद्द कर दिए गए हैं.

भारत सरकार ने पंद्रह अप्रैल तक सभी वीज़ा को रोक दिया है. इसमें राजनयिक, आधिकारिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रोज़गार और प्रोजेक्ट वीज़ा को छूट दी गई है. वीज़ा पर ये रोक 13 मार्च मध्यरात्रि 12 बजे से लागू हो जाएगी.

वहीं ओसीआई खाताधारकों को दी गई वीज़ा मुक्त यात्रा की सुविधा भी पंद्रह अप्रैल तक निलंबित रहेगी. हालांकि जो विदेशी भारत में मौजूद हैं उनके वीज़ा वैध रहेंगे.

वो सभी यात्री जो कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों चीन, इटली, ईरान, उत्तर कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से होकर भारत आ रहे हैं, इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, को न्यूनतम चौदह दिन तक अलग-थलग रहना होगा. ये भी 13 मार्च मध्यरात्रि बारह बजे से लागू होगा.

यही नहीं भारत आ रहे सभी लोगों को भारत के भीतर ग़ैर-ज़रूरी यात्रा न करने की सलाह दी गई है और उन्हें भी चौदह दिन तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.भारत सरकार ने कहा है कि विदेश जा रहे सभी भारतीय नागरिकों को सख़्ती से सलाह दी जा रही है कि वो बेहद ज़रूरी न होने पर यात्रा न करें. वापस लौटने पर उन्हें भी कम से कम चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

: कई महीनों से राहुल से मिलना चाहते थे सिंधिया, लेकिन नहीं दिया गया समय

 

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर उनके एक करीबी नेता ने बड़ा खुलासा किया। त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और सिंधिया परिवार के करीबी प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने दावा किया कि ज्योतिरादित्य को राहुल गांधी से महीनों से मिलने का मौका नहीं दिया गया। प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मुझे पता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया महीनों से राहुल गांधी से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हे मिलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि अगर वे हमें नहीं सुनना चाहते थे, तो हमें पार्टी में क्यों लाया गया।

प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने फेसबुक पोस्ट लिख दावा किया कि मैंने देर रात ज्योतिरादित्य सिंधिया से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने इंतजार किया और इंतजार करते रहे, लेकिन उनके द्वारा हमारे नेता को कोई भी अप्वाइंटमेंट नहीं मिली। उन्होंने यह भी लिखा कि कांग्रेस पार्टी को देखकर दुख होता है। हम सभी सोचते हैं कि अगले एक दशक में पार्टी अपने सभी युवा नेताओं को खो देगी।

1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी बने

राज्य शासन ने आज एक आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी पदस्थ किया है।

इसी के साथ गोपाल रेड्डी का प्रदेश का अगला मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ हो गया है और अब यह तय हो गया है कि वही अगले मुख्य सचिव होंगे।

वर्तमान मुख्य सचिव सुधी रंजन मोहंती इसी माह अंत में रिटायर हो रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें विद्युत नियामक आयोग का चेयरमैन बनाया जाए

इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर मनाये जायेंगे

इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व मिलजुल कर गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाये जायेंगे। शांति सद्भाव एवं एकता की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। आयोजनों में डीजे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

ये निर्णय आज यहां कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिये गये। बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र, एसपी द्वय श्री मोहम्मद युसूफ कुरैशी एवं श्री महेशचन्द्र जैन, अपर कलेक्टर श्री दिनेश जैन तथा श्री बीबीएस तोमर सहित अन्य अधिकारी एवं शांति समिति के सदस्यगण मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह तक विभिन्न धर्मों के 12 त्यौहार एवं पर्व प्रमुख रूप से मनाये जायेंगे। इन त्यौहारों एवं पर्वों के दौरान प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक में चर्चा की गयी। बैठक में इंदौर की रंगारंग गैर को यूनेस्को की सूची में शामिल करवाने के लिये जिला प्रशासन विशेषकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की समवेत स्वर से सराहना की गयी। बैठक में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि इंदौर की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। होली एवं रंगपंचमी के लिये प्राकृतिक रंग एवं गुलाल की बिक्री के नये केन्द्र खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि अभी परीक्षाओं का समय है। ऐसे समय में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पूर्ण पालन किया जाये। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सामाजिक समरसता के वातावरण को बनाया रखा जाये। यह प्रयास किया जाये कि त्यौहार अलग-अलग नहीं बल्कि मिल-जुलकर सामुहिक रूप से मनाये जायें। उन्होंने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।

बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र ने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। शांति समिति की बैठकें थाना स्तर पर भी होंगी। उन्होंने कहा कि आयोजनों के दौरान अभद्रता एवं फुहड़ता नहीं की जाये। डीजे का उपयोग भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

बैठक में बताया गया कि त्यौहारों के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश आदि की समुचित व्यवस्था रहेगी। परम्परागत आयोजनों को ही अनुमति दी जायेगी। होलिका दहन की अनुमति थाना/सीएसपी स्तर से मिलेगी। आयोजन के लिये अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना होंगे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी संयुक्त भ्रमण नियमित करेंगे। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।