क्लिक करें महिलाओं के जिंदगी को देखने का अलग नज़रिया है,

बदलते समय ने समाज में क्लिक करें महिलाओं की भागीदारी और उनकी भूमिका को लेकर कई नई परिभाषाएं गढ़ी हैं. क्योंकि कुछ समय पहले तक औरतों द्वारा पूरी दुनिया पर राज करने की बातें बेतुकी लगतीं थी.

इसके पीछे कोई विशेष दुराग्रह नहीं बल्कि सिर्फ जीव विज्ञान था. ऐसा माना जाता था कि महिलाओं में नैसर्गिक तौर पर ऐसा बौद्धिक सामर्थ्य कम होता है और मुश्किल परिस्थितियों में फ़ैसला लेने का धैर्य भी कम होता है

लेकिन ये सब एक गुज़रे ज़माने की बातें है. हाल के दशकों में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि पूरी दुनिया में आगे बढ़ रही और घर की चारदिवारी से बाहर अपनी पहचान बना रही महिलाओं का स्वागत हुआ है.
सकारात्मक बदलाव

तो क्या बदला है? बहुत कुछ. महिलाओं पर किए विभिन्न शोध और अनुभव बताते हैं कि समर्थ महिलाएं काफी कुछ बदल देती हैं. अगर किसी स्थिती को पूरी तरह से बदल नहीं सकतीं तो बेहतर तो कर ही सकतीं हैं.

व्यापार ज़्यादा लाभप्रद होते है, सरकारें लोगों से जुड़ती हैं, परिवार मज़बूत होते हैं और स्वस्थ समाज तैयार होता है. हिंसा कम होती है और शांति, स्थिरता और निरंतरता बढ़ती है.

इसकी वजह, क्लिक करें महिलाओं के जिंदगी को देखने का अलग नज़रिया है, और यही अनुभव उन्हें परेशानियों को अलग तरीके से हल करने का रास्ता दिखाता है.

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *