सीएमए बनने के बाद स्टूडेंट्स को 6 से 12 लाख रुपए तक का पैकेज

इंजीनियरिंग या डिजाइनिंग में मशीनों और प्रोडक्ट्स की जानकारी दी जाती है। लेकिन एक सफल बिजनेस के लिए बेहतरीन कॉस्ट अकाउंटेंसी की जरूरत पड़ती है। आईसीएआई में प्रवेश लेने के लिए 12वीं के बेसिक कॉन्सेप्ट्स क्लियर होना जरूरी है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती है इस कोर्स को निर्धारित समय में पूरा कर लेना।

इंस्टीट्यूट्स में फाइनल एग्जाम पूरी करने में काफी परेशानी होती है। सीएमए बनने के बाद स्टूडेंट्स को 6 से 12 लाख रुपए तक का पैकेज भी मिलता है। 2012 में सरकार ने कॉस्ट अकाउंटेंसी के नियम बदल दिए। इसके बाद वे सभी कंपनियां जिनका टर्नओवर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है, उन्हें अपनी एनुअल कॉस्ट अकाउंटेंसी रिपोर्ट देनी होगी। इस नियम से सभी फ्रेशर कॉस्ट अकाउंटेंट्स के लिए स्कोप बढ़ गया है।

ट्रेनिंग के दौरान स्टूडेंटस को रिकॉर्डस की शुद्धता बनाए रखना, मैनेजिरियल डिसिजन लेना और इंडस्ट्रीयल विजिट के दौरान कंपनी के प्रोडक्शन प्रोसेस को फाइनेंशियल प्रोसेस से लिंक करना सिखाया जाता है। हमारा मानना है कि हर सक्सेसफुल डिसिजन के पीछे एक मेहनती कॉस्ट अकाउंटेंट होता है।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.