जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ प्रधानमंत्री बनने से पहले ही दे दिया

1. क्या आप जानते हैं भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त के दिन को ही आजादी का दिन इसीलिए मुकर्रर किया था क्योंकि दो वर्ष पहले 15 अगस्त के दिन ही मित्र देशों की सेना के सामने जापान ने समर्पण किया था।

2. 15 अगस्त के दिन ही दक्षिण कोरिया ने जापान से(1945), बहरीन ने इंग्लैंड से(1971) और फ्रांस से कॉंगो गणराज्य ने(1960) स्वाधीनता हासिल की थी।

3. भारत में ब्रिटिश शासन का अंतिम वायसराय होने की वजह से लॉर्ड माउंटबेटन को भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े आयोजनों में शामिल होना था। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए माउंटबेटन ने 14 अगस्त के दिन को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस घोषित कर दिया था।

4. जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ प्रधानमंत्री बनने से पहले ही दे दिया था। उल्लेखनीय है कि नेहरू ने यह भाषण 14 अगस्त की मध्यरात्रि को दिया था जबकि देश के पहले प्रधानमंत्री वह 15 अगस्त की सुबह बने थे।

5. अमेरिका को आज से करीब 225 साल पहले स्वतंत्रता मिल गई थी लेकिन भारत को स्वतंत्रता मिले मात्र 64 वर्ष ही हुए हैं।

6. डेविड थोरो की किताब, जिसके अनुसार किसी को भी टैक्स नहीं भरने चाहिए, से महात्मा गांधी काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने इसी किताब में उल्लेखित तरीकों का अनुसरण भारत के स्वतंत्रता संग्राम में किया था। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और नमक पर लगने वाले कर का विरोध करना जिसके परिणामस्वरूप उनके अनुयायी स्वयं नमक बनाने के लिए प्रेरित हुए, ऐसे ही कुछ उदाहरण थे।

7. भिकाजी रुस्तम कामा पहली ऐसी व्यक्ति थीं जिन्होंने 22 अगस्त, 1907 को जर्मनी में तिरंगा फहराया था। लेकिन इस तिरंगे में और भारत के राष्ट्रीय ध्वज में थोड़ा अंतर था। भिकाजी कामा के झंडे में सबसे ऊपर हरा रंग, बीच में सुनहरा केसरी और सबसे नीचे लाल रंग था। इस झंडे पर ‘वंदे मातरम’ लिखा था।

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