नए टैलेंट की तलाश चुनौती है

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम के मुताबिक, सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंडस्ट्री 2 अरब डॉलर (12,500 करोड़ रुपए) से बढ़कर 2020 में 10 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगी। देश में इस समय करीब 3,000 सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट कंपनियां हैं। इनमें से ज्यादातर फर्में स्मॉल और मिड साइज्ड हैं। अधिकतर में औसतन 30-50 एंप्लॉयीज हैं। नैस्कॉम के प्रोडक्ट काउंसिल के चेयरमैन रवि गुरुराज का कहना है, ‘नए टैलेंट की तलाश चुनौती है। प्रोडक्ट कंपनियों को धीरज से काम लेना होगा। उन्हें एंप्लॉयीज की ट्रेनिंग के लिए इनवेस्टमेंट करना होगा।’ हालांकि, वह मानते हैं कि इससे आईटी प्रोडक्ट कंपनियों की कॉस्ट बढ़ेगी। इससे छोटी कंपनियों को काफी दिक्कत होगी।

अर्न्स्ट एंड यंग में पार्टनर और नेशनल लीडर (आईटी एडवायजरी) समीरन घोषाल का कहना है, ‘हमारे ज्यादातर इंजीनियर्स वही चीज करने के लिए ट्रेंड होते हैं, जो उनसे करने के लिए कहा जाता है। वे नया या बिजनेस जरूरतों के बारे में नहीं सोचते।’ नौकरी छोड़ने की दर ज्यादा होने के कारण सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट कंपनियां ट्रेनिंग पर पैसे खर्च नहीं करना चाहतीं। उन्हें एंप्लॉयीज के नौकरी छोड़कर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अडोबी या एसएपी जैसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाने का डर रहता है। गुरुराज का कहना है, ‘ज्यादातर प्रोडक्ट कंपनियों में नौकरी छोड़ने की ऊंची दर बड़ी समस्या है। इनमें से ज्यादातर फर्में एंप्लॉयी की कंटीन्यूटी पर जोर देती हैं। इसमें इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी भी जुड़ी होती है।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...