कहीं इस वजह से तो नहीं होती आपको एलर्जी

एलर्जी हमारे इम्यून सिस्टम का अबनॉर्मल रिस्पॉन्स है। आप कुछ भी खाते हैं या जो अप्लाई करते हैं, यह उसका रिऐक्शन भी हो सकता है। जानें इनसे बचने के उपाय…
-आमतौर पर मोल्ड, पॉलेन या एनिमल डैंडर से एलर्जिक रिऐक्शन होता है। सांस लेने या खाने के दौरान इनसे हमारा एक्सपोजर होता है। आंखों से पानी आना या खुजली होना, स्नीजिंग, बहती नाक, रैशेज, रेड पैचेज के साथ रैशेज या फिर थकान महसूस करना- एलर्जी के सामान्य लक्षण हैं।
– कई बार आपको पता नहीं चल पाता कि एलर्जी हो गई है, बस थोड़ा थका हुआ महसूस करते हैं। हल्के लक्षण से जहां आपको बुखार या कोल्ड हो सकता है, वहीं गंभीर लक्षण से ज्यादा बीमार पड़ने की आशंका रहती है। गंभीर एलर्जिक रिऐक्शन पूरी बॉडी में इचिंग, ब्रेदलेसनेस, थ्रोट में टाइटनेस, हाथों और पैरों में सिहरन लेकर आता है।
– एलर्जी के कारणों में दूध, नट्स, व्हीट्स और एग्स सबसे कॉमन हैं। सबसे अच्छी बात तो यह रहेगी कि आप ऐसी चीजों को अवॉइड करें, जिनसे आपको एलर्जी होती है। हां, अगर गलती से खा ही लिया तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लीजिए।
– एलर्जी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बच्चों में यह कॉमन होता है। हेरेडेटी का भी इसमें खास रोल होता है। मतलब यह कि आपके परिवार में अगर किसी को एलर्जी है, तो यह आपको भी हो सकती है। इसके साथ ही यह भी हो सकता है कि आपके माता-पिता दोनों को ही एलर्जी हो, लेकिन आप इसके शिकार न हों। आपके आसपास का माहौल भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेवार है। कई बार स्मोक, पल्यूशन और हार्मोंस- एलर्जी के कारण होते हैं।
– हर दो सप्ताह के बाद घर के परदे बदल डालें। अगर घर में किसी को एलर्जी की प्रॉब्लम है तो और भी जल्दी चेंज कीजिए। कपड़ों और परदों को गर्म पानी में धोइए। इसमें कुछ बूंदें यूक्लिप्टस ऑयल की डालने से कीड़े-मकोड़े नहीं रहेंगे।

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