देश की राजनीति मे युवाओं का योग्दान

इन्दौर । प्रदेश मे इन दिनों चुनावी सरगर्मी का माहौल बना हुआ है प्रदेष की दो प्रमुख पार्टीयां कांग्रेस और भाजपा दोनो ही अपनी पूरी ताकत के साथ इस चुनाव को जीतने मे लगी है । इस विधानसभा चुनाव में एक अहम पहलू जुड़ा है जो राजनेताओं एंव प्रदेष के भविष्य निमार्ण मे सबसे बड़ा सहायक सिद्व होने वाला है । युवा वर्ग का एक बड़ा तबका इस बार मतदाता सूची मे षुमार किया गया है जिनकी संख्या पूरे प्रदेष मे लगभग ५ लाख से अधिक आंकी जा रही है । इस तबके को लेकर दोनो ही पार्टी के प्रत्याषी काफी चिन्तित है । पढ़े लिखे समझदार युवाओं को नेताओं के वादे और घोषणा अपनी ओर आकर्षित नही कर पाए , अनेक प्रलोभन के बावजूद मत उसी के खाते मे गया जो प्रत्याषी उसका हकदार रहा । अपने स्तर पर प्रत्याषी का आंकलन करने के बाद ही युवाओं ने मतदान पर मंथन कर अपने मताधिकार का उपयोग किया । यही तबका इस प्रदेष मे सरकार निमार्ण मे अहम भूमिका अदा करेगा । चुनाव में वोटिंग का प्रतिषत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जन के अतिरिक्त युवाओं ने बढ़ चढ़कर चुनाव मे हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का उपयोग कर अपने प्रदेष का भविष्य तय किया । अब देखना यह है कि अपने अपने कयास लगाने वाले दोनो पार्टीयों के प्रत्याषीयों के हिस्से क्या आएगा जीत या हार आगामी ८ दिसम्बर को होने वाली मतगणना ही बताएगी।
इसी तरह दिल्ली के चुनाव पर नजर डाले तो वहां आम आदमी पार्टी से यवा वर्ग पूरी तरह प्रभावित है । जानकारों के अनुसार दिल्ली की सबसे बड़ी युनिवर्सिटी जिसे दिल्ली युनिविर्सिटी के नाम से जाना जाता है आम आदमी पार्टी के समर्थन मे है । पूरे देष की निगाहें दिल्ली और मध्यप्रदेष के परिणामो पर टिकी हुई है सभी को यह जानने की जिज्ञासा है कि आखिर युवा वर्ग ने क्या निर्णय लिया और किसे अपना प्रतिनिधी चुना ।
-दलजीतसिंह वालिया

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *