विभागों में खुलेंगे जेण्डर बजट प्रकोष्ठ

मुख्य सचिव श्री अंटोनी डि सा ने कहा है कि प्रत्येक शासकीय विभाग में जेण्डर बजट प्रकोष्ठ के गठन के उपयोगी सुझाव को अमल में लाया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण का कार्य और प्रभावी तरीके से हो सके। मुख्य सचिव श्री डि सा आज शाम आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में एक दिवसीय परिसंवाद के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। परिसंवाद का आयोजन महिला सशक्तिकरण संचालनालय और यू.एन. वूमेन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

मुख्य सचिव श्री डि सा ने कहा कि जेण्डर बजट संबंधी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए प्रशासन अकादमी का सहयोग लिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जेण्डर बजट कार्य की नियमित समीक्षा के लिए एक समिति भी गठित होगी। मुख्य सचिव ने पच्चीस विभाग द्वारा जेण्डर बजट व्यवस्था लागू करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अन्य विभाग भी इस दिशा में सजग और सक्रिय हों और जेण्डर बजट की वर्तमान 28 प्रतिशत उपलब्धि को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जाए। मुख्य सचिव ने परिसंवाद में तीन समूह द्वारा प्रस्तुत सुझाव सुने और इन सुझावों पर अमल किए जाने की बात कही।

महिला सशक्तिकरण आयुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि जेण्डर बजट के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की पहल को अन्य प्रांत ने भी प्रशंसनीय माना है। उन्होंने अब तक संपन्न कार्यवाही का ब्यौरा देते हुए उम्मीद जताई कि परिसंवाद में विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव स्तर के अधिकारियों की भागीदारी से जेण्डर बजट व्यवस्था और सशक्त होगी।

परिसंवाद में यू.एन वूमेन की प्रोजेक्ट आफीसर श्रीमती भूमिका जाम्ब, वित्त सचिव श्री मनीष रस्तोगी, पूर्व सदस्य, केरल योजना आयोग के श्री मुदुल एपेन ने भी हिस्सेदारी की। समापन सत्र में राज्य योजना आयोग के सलाहकार श्री राजेन्द्र मिश्र, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री एस.एन. मिश्रा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री संजय श्रीवास्तव ने किया।

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