अब की बार मोदी सरकार

गुजरात के गांधीनगर से दिल्ली तक का नरेन्द्र मोदी सफर आसान नहीं रहा है। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की साथ ही तकनीक का भी सही इस्तेमाल किया। हालांकि ‘दंगों के दाग’ ने लोकसभा चुनाव में भी उनका पीछा नहीं छोड़ा, लेकिन मोदी ने न तो दंगों की चर्चा की न ही जाति और सांप्रदायिकता की। उन्होंने विकास को अपने प्रचार का सबसे बड़ा ‘हथियार’ बनाया, लोगों की समस्याओं को समझा और उनकी चर्चा की। …और विरोधियों के लाख हमलों और आरोपों के बावजूद उन्होंने विजयश्री का वरण किया।

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