नैक ने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को रिसर्च में सबसे कम अंक दिए

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को ए ग्रेड देने के बाद नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल) ने सवा तीन माह बाद मार्कशीट जारी कर दी। इसमें रिसर्च को सबसे कम अंक दिए, जबकि लीडरशिप और इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में सबसे आगे रही।

नैक ने सात बिंदुओं पर अंक दिए। सबसे कम अंक 4 में से 2.6 अंक रिसर्च को लेकर दिए, जबकि यूनिवर्सिटी ने दावा किया था कि लाइफ साइंस, फिजिक्स, केमेस्ट्री जैसे विभागों में अच्छी-खासी रिसर्च हो रही है।

किस बिंदु पर मिले कितने अंक

विशेषज्ञों के अनुसार 4 में से 3 अंक लाना बड़ी बात नहीं थी क्योंकि सामान्य तौर पर कोई भी यूनिवर्सिटी इस अंक के करीब पहुंच जाती है। ऐसे में अगर लीडरशिप और मैनेजमेंट तथा बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होता तो यूनिवर्सिटी का (ए) ग्रेड तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता।

कुलपति डॉ. डी.पी. सिंह, कुलसचिव आर.डी. मूसलगांवकर और तब के परीक्षा नियंत्रक डॉ. के.एन. चतुर्वेदी के साथ ही डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अनिल शर्मा और छात्र कल्याण डीन डॉ. राजीव दीक्षित के प्रेजेंटेशन की खासी प्रशंसा नैक की टीम ने की थी।

सेल्फ फाइनेंस विभागों पर साइंस डिपार्टमेंट भारी

टीम ने फिजिक्स और केमेस्ट्री विभाग की रिसर्च की जमकर प्रशंसा की थी। फिजिक्स, लाइफ साइंस, केमेस्ट्री और कुछ और छोटे विभागों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी रिसर्च की स्थिति बेहतर नहीं थी। खासकर आईआईपीएस और आईएमएस जैसे सेल्फ फाइनेंस के विभाग भी इसमें खास नहीं कर पाए थे।

समीक्षा के बाद तय होगा आगे क्या करना है

नैक ने ज्यादातर बिंदुओं पर अच्छे अंक दिए। लीडरशिप एंड मैनेजमेंट सहित स्टूडेंट सपोर्ट आदि में बेहतरीन अंक हैं। जहां थोड़ी-बहुत कमजोरी है उसे समीक्षा के बाद दूर किया जाएगा।

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