बढ़ रही हैं सांस और स्किन की बीमारियां प्रदूषण बढ़ने से

लाइफस्टाइल डेस्क. हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करना और पेड़-पोधों को काटने से रोकने के प्रति सचेत और शिक्षित करना है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ( यूएनईपी) के तहत मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना 1972 में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा मे की गई। 5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस साल वर्ल्ड इन्वायरमेंट डे की थीम मौसम में परिवर्तन है। इस साल का आधिकारिक स्लोगन ‘रेज योर वॉइस नॉट द सी लैवल’ रखा गया है। मौसम का बिगड़ता मिजाज पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद खतरनाक है। इससे सांस और स्किन संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है। सिर दर्द, थकान, एलर्जी जैसी समस्याएं पर्यावरण में अचानक होने वाले बदलावों की वजह से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।

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