रैगिंग को सख्ती से रोकने के लिए यूजीसी ने ऑल इंडिया हेल्पलाइन शुरू की

नए सत्र से होस्टल या कॉलेज कैम्पस में रैगिंग को सख्ती से रोकने के लिए यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) ने ऑल इंडिया हेल्पलाइन शुरू की है। आधी रात को भी हेल्पलाइन पर कॉल करने से मदद मिल जाएगी। साथ ही छात्र रैगिंग संबंधी तमाम जिज्ञासाओं को भी हेल्पलाइन के जरिए दूर कर सकेंगे।
दरअसल, जुलाई से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र से कॉलेजों में एडमिशन ले रहे छात्रों को अब रैगिंग संबंधी कुछ कड़ी शर्तों का पालन करना होगा। इसमें छात्र और माता-पिता के लिए रैगिंग नहीं लेने संबंधी शपथ-पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। जो छात्र शपथ-पत्र नहीं भरेगा उसका एडमिशन पक्का नहीं माना जाएगा।

यूजीसी ने जो नंबर जारी किए हैं वह 24 घंटे चालू रहेंगे। छात्र आधी रात को भी कॉल कर सकता है। शिकायत मिलने पर हेल्पलाइन से तत्काल पुलिस से संपर्क साधा जाएगा। इसके बाद छात्र को तत्काल मदद मिल जाएगी।

छात्र टोल फ्री नंबर 18001805522 पर कभी भी शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा छात्र बेहद इमरजेंसी होने पर कभी भी 09८18400116 और 09871170303 पर भी शिकायत कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार यूजीसी ने एक एनजीओ को इसका जिम्मा सौंपा है। एनजीओ सत्य कचरू ट्रस्ट रैगिंग संबंधी शिकायतों का डाटा एकत्रित करेगा। हेल्पलाइन के जरिए आने वाली एक-एक शिकायत को गंभीरता से हल किया जाएगा। कॉलेज में किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्र को ऑनलाइन शपथ-पत्र भी भरना पड़ेगा। जो छात्र मैनुअली और ऑनलाइन शपथ-पत्र नहीं भरेंगे उनकी डिग्री तक निरस्त की जा सकेगी।

यूजीसी जल्द ही अभियान चलाकर होस्टलों और कॉलेजों को जागरूक करेंगे। साथ ही यूनिवर्सिटी को भी इस मामले में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कुलपति डॉ. डी.पी. सिंह का कहना है कि यूजीसी की ओर से रैगिंग रोकने के नए निर्देश मिले हैं। उनका पूरी तरह पालन करवाया जाएगा।

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