सिविल-मैकेनिकल की सीटें बढ़ीं, इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर छात्रों का रूझान बदला

भोपाल. पिछले दो सालों से इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर छात्रों के रुझान में आए बदलाव का असर इस बार भी विभिन्न ब्रांचों की सीटों पर हुआ है। सिविल और मैकेनिकल की सीटों में पिछले साल के मुकाबले इस बार भी वृद्धि हुई है। वहीं, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई), इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन (ईसी) और इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) की सीटों में इस बार भी गिरावट आई है। ईसी और आईटी ब्रांच में पिछले साल की तुलना में 1,600 से लेकर 1,700 तक सीटें कम हुई हैं। एआईसीटीई ने सत्र 2014-15 के लिए बीई सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स के लिए प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों की मान्यता जारी कर दी है। इस बार 224 इंजीनियरिंग कॉलेजों की 1,07,008 सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिलेगा। सीटों की यह संख्या पिछले साल के मुकाबले कम है। पिछले साल प्रदेश के कॉलेजों में बीई की सीटें 1,15,000 थीं। इस बार इंजीनियरिंग की सीटों में आई गिरावट की वजह कॉलेज संचालकों द्वारा एआईसीटीई को विभिन्न ब्रांचों की सीटें कम करने के लिए आवेदन करना है। ईसी और आईटी में छात्रों की घटती रुचि और लगातार खाली सीटों की संख्या को देखते हुए कॉलेजों ने इनकी सीटें कम की हैं, जबकि डिमांड के अनुसार सिविल और मैकेनिकल की सीटों को बढ़ाया गया है।

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