सावधान! गूगल ग्लास पलक झपकते चुरा सकता है आपके सीक्रेट कोड

इंटरनेशनल डेस्क। गैजेट गीक जरा सतर्क हो जाएं, क्योंकि गूगल ग्लास पलक झपकते आपके सीक्रेट कोड्स चुरा सकता है। ये हम नहीं, बल्कि गूगल ग्लास पर रिसर्च कर रहे शोधकर्ताओं का कहना है। शोधकर्ताओं का दावा है कि 10 फीट की दूरी से इस ग्लास वेयरेबल (पहनने योग्य) कंप्यूटर के जरिए किसी भी शख्स के सीक्रेट कोड्स को चुराया जा सकता है। वहीं, रिसर्च पर गूगल ने एक बयान जारी कर कहा, “दुर्भाग्यवश, दूर से बैठकर किसी के पासवर्ड पर नजर रखना कोई नई बात नहीं है। हमने इस ग्लास को प्राइवेसी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।” शोधकर्ताओं ने टैबलेट और स्मार्टफोन पर लोगों की उंगलियों की मूवमेंट के जरिए पिन कोड समझने के लिए एक खास तरह का सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। टीम ने इस तकनीक का इस्तेमाल आईफोन-5, सैमसंग स्मार्टवाच और वेब कैमरे के जरिए करके भी दिखाया है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स लॉवेल के प्रोफेसर जिनवेन फू के नेतृत्व में ये टीम अब अपने सॉफ्टवेयर को ब्लैकहैट हैकर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाने वाली है। प्रोफेसर के मुताबिक, ‘गूगल ग्लास और हमारा स्पाई कैमरा तीन मीटर की दूरी से किसी भी स्मार्टफोन व टैबलेट पर उंगलियों की मूवमेंट का वीडियो बनाकर उसके पासकोड का 90 फीसदी पलक झपकते क्रैक कर लेगा।’ साथ ही कहा, “भले ही हम उसे देख न पाएं, लेकिन वह शख्स स्क्रीन पर क्या लिख रहा है या क्या पासकोड डाल रहा है, उसकी जानकारी इस स्पाई कैम के जरिए मिल जाएगी।” उन्होंने कहा, “हमने सावधानीपूर्वक उंगलियों की मूवमेंट और उसकी छाया का विश्लेषण किया। इसमें कम्प्यूटर विजन तकनीक लागू कर हमने स्क्रीन पर उंगलियों की टैपिंग का पता लगाया।” बता दें कि सॉफ्टवेयर के जरिए शोधकर्ताओं के दल ने पासकोड का वास्तविक अनुमान लगाने में सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, उनका ये सॉफ्टवेयर सींखचों के पीछे बैठे व्यक्तियों की उंगलियों की मूवमेंट को भी आसानी से समझ लेता है। गौरतलब है कि टीम इसके निदान पर भी काम कर रही है। ये एक तरह का सुरक्षित की-बोर्ड होगा, जो स्क्रीन पर हमेशा इस्तेमाल करने समय ही दिखेगा।

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