बजट में इंदौर-भोपाल को तोहफा, जल्द चलेगी लाइट मेट्रो ट्रेन

इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार के 2014-15 के बजट में इंदौर और भोपाल को तोहफा मिला है। लंबे समय से प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को कैबिनेट में हरी झंडी मिलने के बाद मंगलवार को वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजट अभिभाषण में इसे स्वीकृत करने की घोषणा कर दी है। कैबिनेट ने सोमवार को भोपाल और इंदौर में लाइट मेट्रो ट्रेन की इंस्पेक्शन रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। इसके तहत आगामी चार साल में दोनों शहरों में लाइट मेट्रो ट्रेन शुरू कर दी जाएगी। इस काम को प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के अनुसार पूरा कराया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में पहले चरण में 25 किमी क्षेत्र में मेट्रो चलेगी। इसमें एक किमी में 180 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। प्रोजेक्ट का काम देख रही जर्मन कंपनी एलआरटीसी पांच महीने में अंतरिम डीपीआर तैयार कर सरकार को सौंपेगी। भोपाल और इंदौर में दिल्ली की तर्ज पर मेट्रो शुरु करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने 2010 में प्री फिजिब्लिटी सर्वे कराया था। कंपनी ने 2011 में अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जिसमें हैवी मेट्रो चलाने की सिफारिश की, जिसे शासन ने मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद ग्लोबल टेंडर जारी किए गए। इसमें जर्मन कंपनी एलआरटीसी और मुंबई की फर्म रोहित एसोसिएट्स ने पिछले साल जुलाई से सितंबर तक दोनों शहरों में सर्वे कर प्रारंभिक फिजिबिलिटी में लाइट मेट्रो चलाने की सिफारिश की थी। 85 किमी लंबा रूट और चार कॉरिडोर तय किए हैं। इस रिपोर्ट को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सैद्धांतिक सहमति दे चुके थे। साथ ही इसके आगे की स्टडी के लिए भी निर्देश दिए थे। अब कैबिनेट में मंजूरी के बाद कंसल्टेंट इसकी डीपीआर बनाएंगे।
जमीन और पिलर पर भी बिछेगा ट्रैक- इंदौर और भोपाल में लाइट मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड, जमीन और जमीन के ऊपर पिलर के माध्यम से चलेगी। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के तहत जमीनी सर्वे होगा। इसमें तय होगा कि किस एरिया में किस तरह ट्रेन चलाना ज्यादा सुविधाजनक और फायदेमंद होगा। प्रोजेक्ट कंसल्टेंट ने प्रारंभिक स्टडी रिपोर्ट पेश कर दी थी।जानकारों का कहना है कि कैबिनेट में स्वीकृति के बाद इस मामले पर तेजी से काम होने की उम्मीद बंधी है। इससे जल्द ही इंदौर व भोपाल की जनता को लाइट मेट्रो रेल का तोहफा मिल सकता है।

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