यूएनओ के सम्मेलन में पढ़ा जाएगा इनका पेपर, रूम पार्टनर के लैपटॉप से की रिसर्च

इंदौर/खरगौन। सितंबर 2014 को न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के जलवायु शिखर सम्मेलन में गंगानगर के स्वप्निल चौरे और न्यू नूतननगर के ज्ञानप्रकाश चौहान का ईबार रिसर्च देखा जा सकेगा। उनके प्रस्ताव को सम्मेलन पदाधिकारियों की अधिकारिक स्वीकृति मिली है। खास बात यह है कि संसाधनों की कमी के बावजूद इन छात्रों ने यह मुकाम हासिल किया है। देानों ने सबसे पहले रूम पार्टनर के लैपटॉप से ईबार का आइडिया खोजकर पोस्टर प्रेजेंटेशन बनाया था। इसके बाद सफलता की कहानी आगे चल पड़ी। वे ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी 20 प्रकार की अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय किताबों के अध्ययन के अलावा जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर भीकनगांव एजुकेशन पार्क में सोलर इनर्जी पर रिसर्च कर रहे हैं। इसके पहले ईबार आयडिया के कारण उन्हें फरवरी 2013 में सिंगापुर में हुई सस्टेनेबल एनर्जी एंड इनावयरमेंटल साइंसेस (सीस) की दूसरी अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में बेस्ट पेपर रिसर्च का अवॉर्ड मिल चुका है। उनका कहना है कि कई बार रिसर्च से सामाजिक-आर्थिक बदलाव आसानी से किया जा सकता है। ज्ञानप्रकाश के पिता चंद्रसिंह चौहान बोरावां व स्वप्निल के पिता पुष्प दंत चौरे गुजारी गांव में शिक्षक हैं।

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