बांग न देता मुर्गा, तो अधूरा न रहता यह विशाल शिव मंदिर!

भोपाल । धर्म ग्रंथों के अनुसार ये महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो इसका शुभ फल प्राप्त होता है। श्रावण सोमवार की महिमा तो और भी अधिक है। मान्यता के अनुसार श्रावण मास के अंतर्गत आने वाले सोमवार को यदि किसी ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए जाएं तो भगवान शिव अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं। आज हम बात कर रहे हैं भोजपुर मंदिर की। सावन के महीने में यहां विशेष मेला आयोजित किया जाता है एवं भक्तों की खासी भीड़ रहती है। भोजपुर मंदिर! यहां मौजूद है दुनिया के विशाल शिवलिंगों में से एक शिवलिंग। इस मंदिर का निर्माण राजा भोज ने कराया था। कहावत है कि इस मंदिर का निर्माण एक रात में होना था, लेकिन, किसी अज्ञात डर से मुर्गे ने बांग दे दी और लोग जाग गए। लिहाजा मंदिर अधूरा रह गया। शिवरात्रि पर यहां मेला आयोजित किया जाता है। इसमें दूर-दूर से हजारों लोग पहुंचते हैं। मन्दिर की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका चबूतरा 35 मीटर लम्बा है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 32 किलोमीटर दूर स्थित भोजपुर भव्य व विशाल शिव मन्दिर और जैन मन्दिर के लिए भी प्रसिद्ध है। रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के औबेदुल्लागंज विकास खण्ड में स्थित इस शिव मन्दिर को 11वीं सदी में परमार वंश के राजा भोज प्रथम ने बनवाया था।

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