इट्स टाइम टू से बाय-बाय ORKUT, अब नहीं दिखाई देगी स्क्रैपबुक

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ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ऑरकुट ने वर्ष 2004 में स्क्रैपबुक को एक नई परिभाषा दी थी। गूगल ने इसे पहली सोशल नेटवर्किंग साइट के तौर पर लॉन्च किया था। 30 सितंबर को ऑरकुट बंद होने जा रहा है। इससे यूजर्स की यादें फिर ताजा हो रही हैं। साल 2014 में 30 सितंबर के बाद कोई भी यूजर ऑरकुट अकाउंट को यूज नहीं कर पाएगा। गूगल ने अकांउट से जरूरी इन्फॉर्मेशन कहीं और सेव कर अकाउंट डिलीट करने की रिक्वेस्ट यूजर्स को भेजी है। ऑरकुट पहली सोशल साइट थी जिसने स्क्रैप बुक को नई परिभाषा दी थी। इसके बाद से यूजर्स की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। कोई बिछड़े दोस्त याद गए हैं तो कोई उन दिनों में फिर से लौट गया है। आराधना नगर निवासी प्रोफेशनल सपना राय कहती हैं कि लोगों से कैसे जुड़े रहा जा सकता है, ये ऑरकुट के जरिए ही उन्होंने सीखा। वे अपनी मां को भी इसका यूज करना सिखाती थीं। उनकी मां उन्हें ‘ऑरकुट का चिरकुट’ कहती थीं। उन्हें लगता था कि पता नहीं ऐसा क्या है। सपना ने बताया कि सबसे ज्यादा उनकी मां को ऑरकुट बंद होने का अफसोस है। कोलार की दिव्यंका शर्मा कहती हैं, ऑरकुट ने उन्हें 8 साल बाद उनके काफी प्रिय दोस्त से मिलवाया था। वे दोनों 11वीं तक साथ पढ़े हैं। उसके पापा का ट्रांसफर हो गया और वह दूसरे शहर में चला गया। दिव्यंका आज भी ऑरकुट से जुड़ी हैं और इसे कभी नहीं भुला पाएंगी।

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