यहां के खूबसूरत नजारे पर्यटकों को लुभाने लगे हैं

बारिश की शुरुआत के साथ ही प्रकृति प्रेमी उन जगहों पर नजरें जमाने लगते हैं जहां वे परिवार या फिर दोस्तों के साथ छुट्टियों का मजा ले सकें और देखने में भी यही आ रहा है। रविवार के दिन या फिर किसी अन्य अवकाश पर शहर के आसपास कई स्थान हैं, जहां प्रकृति आकर्षित करती है। बारिश के बाद यहां का नजारा बहुत ही मनोहारी हो गया है। चारों ओर हरियाली, कल-कल करता पानी, पंक्षियों का चहकना और बच्चों की किलकारी इस माहौल को और भी खूबसूरत बना रही है। इंदौर के आसपास पिकनिक स्पॉट के तौर पर पातालपानी, चोरल, सीतलामाता फॉल, तिंछाफाल जैसे खूबसूरत झरने है, वहीं हत्यारी खोह, गिदिया खोह, जोगी भड़क, बामनियां कुंड जैसे कई ऐसे सुंदर प्राकृतिक नजारों वाले झरने भी हैं जो सिर्फ कुछ लोगों ने ही देखे होंगे। इन झरनों तक पहुंचने के लिए खतरनाक रास्तों से ट्रैक करते हुए पहुंचना होता है।
पातालपानी : हरियाली की चादर ओढ़े पातालपानी प्रकृति प्रेमियों को सबसे ज्यादा रास आ रहा है। इंदौर से इसकी दूरी करीब 30 किलोमीटर है। यहां जाने के लिए रास्ता महू से होकर जाता है। और दूसरा रास्ता महू-चोरल से आंबा चंदन गांव होते हुए जाता है, लेकिन यह रास्ता कच्चा एवं ऊबड़-खाबड़ होने से असुरक्षित है।
चोरल : पर्यटकों की दूसरी पसंद चोरल है जो कि इंदौर से 40 किमी दूर स्थित है। यह रास्ता व्यवस्थित और सुरक्षित है। यहां पहुंचने के लिए इंदौर से खंडवा की ओर जाना होता है।
जानापाव : जानापाव इंदौर से करीब 48 किमी दूर और महू से करीब 11 किलोमीटर दूर विंध्याचल पर्वतमाला पर स्थित है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली है। जानापाव पहाड़ी पर भगवान परशुराम के भव्य मंदिर के साथ ही पवित्र कुंड भी स्थित है। जानापाव पहाड़ी से साढ़े सात नदियां निकली हैं। यहां से चंबल, गंभीर, अंगरेड़ व सुमरिया नदियां व साढ़े तीन नदियां बिरम, चोरल, कारम व नेकेड़ेश्वरी निकलती हैं। इनमें कुछ यमुना व कुछ नर्मदा में मिलती हैं। ये नदियां करीब 740 किमी बहकर अंत में यमुनाजी में तथा साढ़े तीन नदिया नर्मदा में समाती हैं। जानापाव में पहाड़ी के ऊपर से झरना गिरता है जो बहुत ही खूबसूरत है।

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