‘स्टेम सेल से जल्द ठीक होंगे’ स्ट्रोक के मरी़ज़

लंदन के इंपीरियल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने इस पद्धति की सुरक्षा की जांच के लिए किए गए शुरुआती प्रयोग में स्ट्रोक का शिकार हुए पांच लोगों की अस्थि मज्जा (बोन मैरो) में ख़ास तरह के स्टेम सेल्स डाले. दिमाग में सीधे जाने वाली नस के ज़रिए क्षतिग्रस्त हिस्से में पहुंचाया गया.
इन पांच लोगों में से चार को गंभीर स्ट्रोक पड़ा था. वह बोलने में अक्षम हो गए थे और शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था.
ऐसे स्ट्रोक से मरने वालों और विकलांग होने वालों की दर ज़्यादा होती है.
लेकिन छह महीने पूरे होते-होते चार में से तीन ख़ुद अपनी देखभाल करने लगे थे. थोड़ी मदद से सभी चलने और रोज़मर्रा के काम करने लगे.
हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इसके लिए व्यापक अध्ययन की ज़रूरत है.

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.