चूले पर बनाती है खाना और रहती हैं झोपड़ी में, बैंक की CHAIRMAN

बड़वानी से 50 किमी दूर गंधावल में समृद्धि बैंक की अध्यक्ष रेवाबाई ने अपने जिद से सामाजिक और आर्थिक बदलाव लेकर आई। रेवाबाई से मिलने उनके घर पहुंचा तो हैरान रह गया। पहाड़ियों के बीच एक छोटे से पुराने घर को देखकर ऐसा नहीं लगा कि यहां गंधावल समृद्धि बैंक की अध्यक्ष रहती हैं, जो बैंक 65 लाख रुपए का कर्ज बांट चुका है। पगडंडी से होते हुए हम झोपड़ी तक पहुंचे। आवाज लगाई रेवाबाई हैं। अंदर से आवाज आई। हां। आप बैठे मैं आती हूं। मुस्कान लिए लाल साड़ी पहने आई रेवाबाई की बातों से एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि वे स्कूल नहीं गई। उन्होंने अपने दम पर खुद की तकदीर और क्षेत्र की सूरत बदल दी है। अब महिलाएं वक्त-बेवक्त जरूरत पर किसी साहूकार के आगे हाथ नहीं फैलाती। महीने में एक बार मीटिंग करती हैं। हर बार अलग-अलग जगह। हर सदस्य की जरूरत का पूरा ध्यान रखा जाता है। रेवाबाई कहती हैं शुरुआत में हमने भी नहीं सोचा था कि एक बैंक समृद्धि से हमारा जीवन इतना बदल जाएगा।

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