सराफा में भी खरीदारों की भीड़

पुष्य नक्षत्र पर व्यापारी और आम लोगों ने बहीखाते-रजिस्टर और पेन खरीदकर परंपरा निभाई। मुहूर्त में जैसे ही व्यापारी बहीखाते खरीदने आए, पहले उन्हें तिलक लगाया गया। लाल वस्त्र में स्वस्तिक बनाया गया और उसमें बहीखाते बांधकर दिए गए। लाभ, शुभ और अमृत के मुहूर्त में बहीखाते खरीदने के लिए दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ी। सराफा बाजार में पुष्य नक्षत्र की खरीदी के कारण पैर रखने की भी जगह नहीं थी। ज्वेलरी के साथ पूजन के लिए सोने-चांदी के सिक्के की खूब खरीदी हुई। रात तक रौनक रही।

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