वरना नहीं मिलेगा वीजा

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भोपाल. यदि आपका पासपोर्ट वर्ष 2001 से पहले का बना है, तो अपना पासपोर्ट री-इश्यू करा लें। 24 नवंबर, 2015 तक ऐसा न करने पर आपको किसी भी देश का वीजा नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2001 के बाद से केवल मशीन रीडेबल पासपोर्ट (एमआरपी) बन रहे हैं। इनकी वेलिडिटी 10 साल की है। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन अब वीजा देने की प्रक्रिया के लिए एमआरपी को ही मान्यता दे रहा है। पासपोर्ट री-इश्यू कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इससे फर्जी पासपोर्ट के मामलों पर रोक लग सकेगी। भोपाल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2001 के पहले नेशनल इंफॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) तकनीकी सहयोग करते हुए डाटा कलेक्शन और पासपोर्ट जारी करने का काम करता था। इस दौरान पासपोर्ट मेन्युअली बनाए जाते थे। ऐसे पासपोर्ट की वेलिडिटी 17 से 25 साल तक होती थी। प्रदेश में फिलहाल मेन्युअल पासपोर्ट-धारकों की संख्या 10 हजार से अधिक है। वर्ष 2001 के बाद एनआईसी का काम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को सौंप दिया गया। जो आधुनिक तकनीक से डाटा संग्रह कर रही है। टीसीएस के पास यह काम आने के बाद से पासपोर्ट मेन्युअली बनना बंद हो गए हैं।

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