महिला को ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं, बताएगा फोन का कैमरा,

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आने वाले दिनों में मोबाइल फोन के जरिए पता लगाया जा सकेगा कि किसी महिला को स्तन कैंसर है या नहीं। अमेरिकी कंपनी जेरॉक्स इन दिनों कॉन्टैक्टलेस सेंसिंग पर रिसर्च कर रही है और इस टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए मणिपाल अस्पताल और बेंगलुरु के सेंट जॉन हॉस्पिटल के साथ काम कर रही है। इस दिशा में शुरुआती सफलता भी हाथ लग गई है।

अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल हो गई, तो फोन के जरिए ही हेल्थ पर नजर रखी जा सकेगी और उसका कैमरा ही बता देगा कि संबंधित व्यक्ति को कोई बीमारी है या नहीं। जेरॉक्स की चीफ टेक्नोलॉजी अफसर सोफी वेंडब्रोक ने कहा, कॉन्टैक्टलेस सेंसिंग प्रोजेक्‍ट के जरिए हम रेग्युलर कैमरे के इस्तेमाल से मरीज पर नजर रखने और बीमारियों का पता लगाने में सफल हुए हैं। यह इंडिया आरएंडडी सेंटर और न्यू यॉर्क में पीएआरसी सेंटर का जॉइंट प्रोजेक्ट है। जेरॉक्स ने मणिपाल अस्पताल की नियोनेटल यूनिट में कैमरे लगाए हैं। कंपनी नवजात बच्चों के हार्ट रेट, बॉडी टेंपरेचर, ब्रीदिंग जैसे महत्वपूर्ण संकेतों को मापने के लिए डॉक्टर्स के साथ काम कर रही है। इस टेक्नोलॉजी में बच्चों की स्किन पर सेंसर नहीं लगाना पड़ता है। इससे किसी प्रकार के साइट इफेक्ट या खतरा की संभावना कम हो जाती है।

एयरपोर्ट पर भी हो सकता है इस्तेमाल

वेंडब्रोक ने बताया कि इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एयरपोर्ट पर यात्रियों में बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी सेहत पर नजर रखने के लिए भी इसका उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसमें एक साधारण कैमरे को ऐनालिटिक्स सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाता है, जो इमेज और डेटा के जरिए पता लगा सकता है कि ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं और किसी विशेष समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है या नहीं।

स्मार्ट फोन बताएगा ब्रैस्ट कैंसर

टेम्प्रेचर, हार्ट रेट मापने में सफल

इस प्रोजेक्ट में आम वेबकैम के जरिए बॉडी टेंपरेचर, रेस्पिरेशन रेट और हार्ट रेट जैसे पैरामीटर्स को सफलतापूर्वक मापा जा चुका है। वेंडब्रोक ने कहा, अभी हम ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल जैसे मामलों में काम कर रहे हैं। अस्थमा की पहचान और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग पर काम चल रहा है। हम सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम पर भी काम कर रहे हैं।’

कैमरा से लिया जा सकेगा डिस्प्ले

जेरॉक्स ने हेल्थ स्पॉट नाम की एक स्टार्टअप में इन्वेस्ट किया था, जो टेलिमेडिसिन कियॉस्क बनाती हैं। स्टोर्स, कंपनियों और फार्मेसी में रखे जा सकने वाले इन कियॉस्क में सेंसर्स के साथ डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट होते हैं। वेंडब्रोक ने कहा, भविष्य में फिजिकल सेंसर्स की जगह केवल एक कैमरा से डिस्प्ले लिया जा सकेगा, जो हर तरह के डायग्नोस्टिक्स में मदद करेगा।

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