देश का पहला डेटा सेंटर पार्क इंदौर में बनेगा, बड़ी कंपनियां आने को तैयार

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इंदौर. नए साल में इंदौर को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। देश का पहला और दुनिया का चौथा डेटा सेंटर पार्क (क्लस्टर) इंदौर में बनाने की तैयारी हो गई है। यह पार्क अभी तक डलास (यूएसए), डबलिन (आयरलैंड) और सिंगापुर में ही है।

सेंटर के लिए प्रशासन ने 50 एकड़ जमीन भी रंगवासा में चिह्नित कर ली है। शासन की उच्चस्तरीय कमेटी ने फेसबुक, गूगल जैसी कंपनियों से इंदौर में आने के लिए प्रारंभिक चर्चा भी कर ली है।

देश की प्रमुख कंपनियों एयरटेल की नेस्ट्रा डेटा, इंटेल के डेटा काम को देख रही नेस्टजेन और टाटा कम्यूनिकेशन ने इंदौर आने के लिए प्रांरभिक स्वीकृति भी शासन को दे दी है। कोशिश की जा रही है कि साल 2015 में राज्य शासन डेटा सेंटर के लिए अलग नीति घोषित कर दे और साल अंत होते-होते एक-दो कंपनियां इस पार्क में स्थापित हो जाएं।

शासन ने केंद्र सरकार को यह प्रोजेक्ट भी भेज दिया है। प्रोजेक्ट पर शासन का करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए का निवेश रहेगा। शासन ने केंद्र सरकार को भी अपना यह प्रोजेक्ट भेज दिया है।

सीएम खुद कर रहे मॉनिटरिंग
सीएम शिवराजसिंह चौहान ने इसे ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में रखा है। उनकी मॉनिटरिंग में आईटी सचिव हरिरंजन राव, एमपीएसडीसी (मप्र स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन डेवलपमेंट) के मैनेजिंग डायरेक्टर व आईएएस एम. सेलवंद्रम की उच्च स्तरीय कमेटी काम कर रही है। इंदौर के नरेंद्र सेन भी कमेटी में सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं।

डेटा सेंटर पार्क के लिए लगातार हो रहा है काम
पार्क के लिए इंदौर में जमीन का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। इसके लिए केंद्र को भी प्रस्ताव भेज दिया है। कई बड़ी कंपनियों से इस संबंध में प्रारंभिक चर्चा हो गई है। फेसबुक, गूगल जैसी कंपनियां भी देश में डेटा सेंटर तलाश रही हैं। उनसे भी संपर्क किया जा रहा है। साल 2015 में इसमें धरातल पर काम नजर आएगा। -एम. सेलवंद्रम एमडी एमपीएसडीसी

यह है डेटा सेंटर पार्क
यह अति सुरक्षित व चौबीस घंटे इंटरनेट और बिजली युक्त जगह होती है, साथ ही सर्वर को कूल रखने के लिए कूलिंग सिस्टम लगता है। बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने डेटा को सुरक्षित रखती हैं। कंपनियों के ऑनलाइन बढ़ते कारोबार को देखते हुए हर कंपनी को अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए बड़े सर्वर की जरूरत होने लगी है। यह मांग दिनोदिन बढ़ रही है। इसके लिए फेसबुक, गूगल जैसी सभी कंपनियां डेटा स्टोर क्षमता बढ़ा रही हैं। डेटा सेंटर पार्क में इन कंपनियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

यह होगा लाभ
> डेटा सेंटर पार्क होने से सीधे रोजगार कम मिलते हैं, क्योंकि यहां कंपनी के खास मैनेजमेंट के लोग काम करते हैं, लेकिन पार्क होने से इंदौर का नाम ग्लोबल नक्शे पर आएगा।
> पार्क इंदौर में होने से कई बड़ी कंपनियां अपनी प्रॉडक्शन यूनिट व अन्य काम भी इंदौर में लाएंगी। इससे रोजगार व निवेश बढ़ेगा।
> अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा।

इसलिए ला रहे हैं डेटा पार्क
देश में इंटरनेट यूजर तेजी से बढ़े रहे हैं। अभी 24 करोड़ नेट यूजर हैं जो साल 2017-18 में 50 करोड़ हो जाएंगे। देश में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां एक साथ कई कंपनियों का डेटा सेंटर क्लस्टर हो। किसी प्रदेश ने इसकी पहल नहीं की है, इसे मौके के रूप में देखते हुए मप्र ने यह पार्क बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया है।

एशिया में सिंगापुर ने इसे खोलकर यूरोप की कई कंपनियों को अपने यहां बुला लिया है, लेकिन भारत के बाजार को देखते हुए कंपनियां भारत आना चाहती हैं, जिससे कम निवेश में काम हो सके।

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