इस बार 500 से ज्यादा सीटों के लिए होगी पीएचडी प्रवेश परीक्षा

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की पीएचडी प्रवेश परीक्षा इस बार 500 से ज्यादा सीटों के लिए होगी। खास बात यह है कि इसके लिए 5 हजार से ज्यादा आवेदन का टारगेट रखा गया है। यानी हर एक सीट पर कम से कम 10 दावेदार होंगे। सबसे ज्यादा सीटें कॉमर्स,मैनेजमेंट और हिंदी में खाली हैं। यह संख्या आगे और बढ़ेगी। यूनिवर्सिटी ने हाल ही में तय किया है कि यह प्रवेश परीक्षा अब हर साल जून में सीईटी(कॉमन एंट्रेस टेस्ट) के साथ होगी। केवल सीईटी के साथ कुछ नए केंद्र बनाने पड़ेंगे। वैसे भी प्रबंधन का कहना है कि पीजी(पोस्ट ग्रेजुएशन) के आखिरी सेमेस्टर के रिजल्ट मई-जून में ही आते हैं। ऐसे में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में वे सभी छात्र भी तत्काल शामिल हो सकेंगे। साथ ही हर साल तय समय में पीएचडी कोर्स वर्क और आरडीसी की बैठकें भी हो जाएंगी। डीएवीवी ने इसका पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया है। कुलपति डॉ. डी.पी. सिंह से चर्चा के बाद इसे अंतिम तौर पर लागू किया जाएगा। साल में एक ही बार होगी। प्रबंधन ने तय किया है कि परीक्षा अब अगले साल जून में आयोजित की जाएगी। जबकि पहले वह दावा कर रहा था कि परीक्षा जनवरी में ले ली जाएगी। अभी तो 150 सीटें खाली होने की भी जानकारी प्रबंधन को नहीं मिली है। संभवत: 200 से ज्यादा सीटें खाली होने की स्थिति में ही प्रवेश परीक्षा हो पाएगी। वैसे भी प्रबंधन का कहना है कि अभी पिछली प्रवेश परीक्षा में पास शोधार्थियों का कोर्स वर्क ही शुरू हो पाया है। इसे पूरा होने में ही समय लगेगा। तब तक नई प्रवेश परीक्षा संभव नहीं है। हालांकि प्रबंधन जल्द ही सभी विभागों को ऑफिशियल पत्र जारी कर पीएचडी की खाली सीटों की जानकारी मांगेगा। पिछली बार पीएचडी की प्रवेश परीक्षा पूरे डेढ़ साल में हुई थी। जबकि यूजीसी के नियमानुसार यह साल में दो बार आयोजित करना जरूरी है। हालांकि सीटें खाली नहीं होने तथा कोर्स वर्क की प्रक्रिया में देरी को कारण बताकर डीएवीवी सहित प्रदेश की कोई भी यूनिवर्सिटी इसे लागू नहीं कर पा रही है।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...