जब मन चॉकलेट खाने का हो

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अचानक चॉकलेट खाने की तीव्र इच्छा किसी को भी हो सकती है। यह कोई नासमझ ज़िद नहीं, बल्कि शरीर का संकेत देने का तरीका है। दरअसल, शरीर में किसी ख़ास चीज़ की कमी होने पर ऐसी ‘क्रेविंग्स’ यानी तीव्र इच्छाएं होती हैं। उस वक्त कुछ ऊटपटांग खाने के बजाय इन संकेतों को समझें और सही चीज़ का सेवन करें। चॉकलेट में मैग्निशियम शामिल होता है। यह खनिज शरीर में ताकत का संचार करता है और रक्त नलिकाओं को शिथिल करता है। ऐसे में- बिना शक्कर वाली डॉर्क चॉकलेट का एक टुकड़ा खाएं। बेहतर होगा कि मेवे, फलियां या केला लें, जो मैग्निशियम से भरपूर होते हैं। सैंडविच, बगर्र या पिज्जा अधिक मात्रा में खाने से वज़न के साथ-साथ रक्त में शर्करा की मात्रा भी बढ़ जाती है। दरअसल, इस वक्त शरीर अमीनो एसिड की मांग कर रहा होता है। ऐसे में ढेर सारी ब्रेड खाने से बेहतर है थोड़े मेवे, ख़ासतौर पर बादाम या अखरोट, अंडे की सफेदी, भुनी हुई मछली-चिकन आदि खाएं। कॉफी ब्रेक्स तय करने के बावजूद बार-बार कॉफी पीने का दिल करता है। दरअसल, कॉफी की इच्छा तब होती है जब शरीर को ऊर्जा व ताज़गी चाहिए होती है। ऐसे में लेमन टी लें। चाहें तो सादा गर्म पानी, पुदीने वाला पानी, गर्म नींबू पानी या एक खट्टा फल खाएं। शरीर में जब ग्लूकोज़ की कमी होती है, तो अक्सर मीठा खाने का मन करता है। लगता है हम अधिक से अधिक मीठा खा लेंगे, तो शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा सामान्य हो जाएगी। लेकिन यह बिल्कुल गलत है। ऐसे में कृत्रिम मिठाइयां खाने से बेहतर है फल खाएं। फलों में न केवल ग्लूकोज़, बल्कि कई एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व शामिल होते हैं।

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