रात 2.30 बजे जागे बाबा महाकाल, अब तक 1.20 लाख लोगों ने किए दर्शन

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इंदौर/उज्जैन। महाशिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के सोमवार-मंगलवार की मध्य रात 2.30 बजे पट खुले भस्मारती हुई। सुबह करीब 5 बजे से मंदिर में शिवरात्रि के आम दर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ। 18 फरवरी की रात 11 बजे शयन आरती में पट बंद होने तक भगवान महाकाल भक्तों को 44 घंटे निरंतर दर्शन देकर अभिभूत करेंगे। अब तक बाबा के करीब 1 लाख 20 हजार से ज्यादा भक्त दर्शन लाभ ले चुके हैं। शिवरात्रि पर महाकालेश्वर दर्शन के लिए दुनियाभर के श्रद्धालु सोमवार को ही उज्जैन में उमड़ना शुरू हो गए थे। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुलभ दर्शन कराने के साथ मंदिर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दो दिन के इंतजाम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 650 जवानों को तैनात किया गया है।कल सेहरा दर्शन, दिन में भस्मारती : भगवान महाकाल बुधवार को सेहरे में दर्शन देंगे। दोपहर 12 बजे भस्मारती होगी। वर्ष में एक बार शिवरात्रि पर महाकाल दूल्हा बनकर फल, फूल, सूखे मेवे से बना सेहरा धारण कर दिव्य दर्शन देते हैं। इस दिन तड़के 4 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे भस्मारती होती है। भस्मारती पुजारी पं. संजय शर्मा, अजय शर्मा शनि मंदिर ने बताया तड़के 4 बजे भगवान को सेहरा चढ़ेगा। सुबह 6 से 11 बजे तक आम लोग सेहरे के दर्शन कर सकेंगे। दोपहर 12 से 2 बजे तक भस्मारती होगी। शिवरात्रि पर मंगल का संयोग शुभ: शिवरात्रि पर्व इस बार मंगलवार को आने से यह अतिशुभ फल दायी है। ज्योतिषाचार्य पं. श्यामनारायण व्यास ने कहा मंगल चूंकि नवग्रहों का सेनापति है। यह योग विजय कारक है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर चारों प्रहर शिव-पार्वती का पूजन कर किसी भी कार्य को पुण्य फलदायी बना सकते हैं। मंगलवार शाम 6.21 पर पहले प्रहर, रात 9.31 पर दूसरे, रात 12.14 से तीसरे और मध्यरात 3.51 से चौथे प्रहर की पूजा करें।
महाकाल के ऑनलाइन दर्शन वेबसाइट www. mahakaleshwar.nic.in पर कर सकेंगे।
गर्भगृह में आज रात 11 से महापूजा
महाकाल मंदिर में रात 9 बजे कोटितीर्थ कुंड पर कोटेश्वर महादेव की पूजा होगी। मंगलवार रात 11 बजे से बुधवार की तड़के 4 बजे तक गर्भगृह में महापूजा चलेगी।
महापूजा में ये खास
{11ब्राह्मण महाकाल का भस्म धुलन, भू-शुद्धि, भूत-शुद्धि, अंतर मातृका न्यास, लघु न्यास, रुद्र और पंचवत्र पूजन करेंगे।
{सात प्रकार के फल (अनार, सेब, अंगूर, मौसंबी, चीकू, नारियल पानी और गन्ने) के रस से अभिषेक होगा।
{दूध-दही, घी, शकर, शहद, गुलाब जल गंगा, शिप्रा-नर्मदा सहित अनेक नदियों तीर्थों के जल से एकादश-एकादशनि रुद्र पाठ से अभिषेक होगा।
{समापन में शिव सहस्त्र नामावली पाठ के साथ महाकाल को सवा लाख बिल्वपत्र चढ़ाएंगे।

अांकड़ों पर एक नजर
02 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना।
01 से 2 घंटे में लाइन से दर्शन कराने का प्रयास।
650 से ज्यादा अधिकारी-पुलिस जवान सुरक्षा में तैनात।

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