मल्टीनेशनल कंसल्टिंग फर्म अंर्स्ट एंड यंग बताएगी कैसे सफल हो ‘मेक इन एमपी’

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

भोपाल. मल्टीनेशनल कंसल्टिंग फर्म अंर्स्ट एंड यंग प्रदेश सरकार को यह बताएगी कि निवेश और व्यवसाय के लिए मप्र को सबसे उपयुक्त राज्य कैसे बनाया जाए। यह कवायद ‘मेक इन एमपी’ को सफल बनाने और निवेश के लिए उपयुक्त राज्यों में अव्वल दर्जा पाने के लिए की जा रही है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अपने यहां निवेश और व्यवसाय की परेशानियों को तलाशने और उन्हें दूर करने को कहा है, ताकि इस मामले में विश्व में भारत का स्थान 142 से 50 पर लाया जा सके।

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार के अनुसार जुलाई 2013 में ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में 189 देशों में भारत 139 वें नंबर पर था और अक्टूबर 2014 में यह खिसककर 142वें नंबर पर आ गया। इस रेटिंग के घटने के बाद सक्रिय हुई केंद्र सरकार ने अगले दो साल में भारत को 50वें स्थान पर लाने का लक्ष्य तय किया है। केंद्र ने सभी राज्यों को अपने यहां निवेश और व्यवसाय की दिक्कतें दूर करने को कहा है। मप्र इस बारे में पहल करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश सरकार स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस नामचीन मल्टीनेशनल फर्म ‘अर्नेस्ट एंड यंग’ से यह अध्ययन करा रहा है।
छोटी-छोटी अनुमतियों के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं
फेडरेशन ऑफ मप्र चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त अध्यक्ष डाॅ. आरएस गोस्वामी के अनुसार मप्र में उद्योग लगाने और उसे संचालित करने के लिए छोटी-छोटी अनुमतियां और सर्टिफिकेट लेने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं। 25 एचपी का बिजली कनेक्शन 4 से 6 महीने में मिल पाता है। लिफ्ट, कंप्रेसर और बायलर आदि स्थापित करने के लिए अलग-अलग शहरों में स्थित एजेंसियों और दफ्तरों के महीनों तक चक्कर काटना पड़ते हैं। फैक्टरी एक्ट के तहत हर साल रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है और उसमें भी 6-6 माह लग जाते हैं। उद्योगों से जुड़े सभी विभागों की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होना चाहिए। सब्सिडी जैसे लुभावने कदम उठाने की बजाय सरकार इन दिक्कतों को दूर करे तो ही मप्र में निवेश बढ़ सकता है।
यह होगा अध्ययन
अंर्स्ट एंड यंग उन नीतियों, नियमों और प्रक्रियाओं का पता लगाएगी जिनके कारण निवेशक मप्र में निवेश करने से कतराते हैं। प्रदेश के मौजूदा उद्यमियों और व्यवसायियों को उनके व्यवसाय में आने वाली कठिनाइयों का भी इस रिपोर्ट में जिक्र होगा। इसके साथ ही अन्य राज्यों के उदाहरणों के आधार पर इन कठिनाइयों को दूर करने का रोड मैप भी बताया जाएगा।
30 सप्ताह में आएगी रिपोर्ट
स्कूल के डायरेक्टर अखिलेश अर्गल के अनुसार ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर अध्ययन मार्च में शुरू होगा और इसके तीस सप्ताह बाद यानी अक्टूबर में इसकी रिपोर्ट आएगी। फर्म इसके लिए पांच से दस साल के अनुभव वाले 9 विशेषज्ञों की मदद लेगी। इनमें से चार विशेषज्ञ मप्र में रह कर अध्ययन करेंगे और शेष पांच उन्हें फर्म के मुख्यालय से गाइड करेंगे।
जुलाई में केंद्र करेगा रेटिंग
केंद्र सरकार भी ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर राज्यों की रेटिंग करने जा रही है। केंद्र ने सभी राज्यों से व्यवसाय शुरू करने और उसे संचालित करने के लिए उनके यहां अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। इसके आधार पर जुलाई मे केंद्र सरकार यह बताएगी कि किस राज्य में निवेश और व्यवसाय सबसे आसान है।
इन सेक्टर पर होगी स्टडी
कृषि आधारित उद्योग
पर्यटन
इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
टेक्निकल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट
इन्फाॅर्मेशन टेक्नाेलॉजी
रियल एस्टेट
माइनिंग
लघु एवं सूक्ष्म उद्योग

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...