कॉलेज में चार छात्रों को पढ़ाने में लग रहे हैं 3 लाख रुपए, पढ़ा रहे हैं छह शिक्षक

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खंडवा. यह है पंधाना का सरकारी कॉलेज। छह सेमेस्टर्स में छात्र है कुल जमा चार। यहां पढ़ाने वालों की संख्या है छात्रों से ज्यादा। शासकीय उत्कृष्ट स्कूल की बिल्डिंग के दो कमरों में कक्षाएं लग रही हैं। इन्हीं में ऑफिस भी संचालित हो रहा है। चार छात्रों पर महीने का खर्च आ रहा है 3 लाख रुपए। यानी एक छात्र पर 75 हजार रुपए महीना और सालभर में 9 लाख रुपए का खर्च। इंदौर-इच्छापुर हाईवे से करीब 8 किमी अंदर जाने पर आता है पंधाना। यह शिक्षा और राजस्व विभाग का ब्लॉक मुख्यालय भी है। 2013 में यहां सरकार ने डिग्री कॉलेज की मंजूरी दी। कॉलेज तो खुल गया लेकिन सुविधा और संसाधन अब तक नहीं मिले। लिहाजा विद्यार्थियों ने यहां पढ़ने में रुचि नहीं ली। पहले साल आर्ट्स में 5 एडमिशन हुए। फिलहाल यहां छात्रों की संख्या 4 है। इन्हें पढ़ाने का जिम्मा छह शिक्षकों पर है। अकाउंटेंट को मिलाकर कुल स्टाफ 7 का।
सरकार चार विद्यार्थियों वाले कॉलेज पर प्रतिमाह 3 लाख रुपए तक खर्च करता है। 2 लाख 90 हजार रुपए तो अकेले शिक्षकों व बाबू का वेतन बनता है। शेष टेलीफोन व अस्थायी भृत्य पर खर्च। उत्तमसिंह चौहान राजनीति शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रभारी प्राचार्य हैं। एमएल चौहान अकाउंटेंट हैं। डा. एके सक्सेना कन्या महाविद्यालय खंडवा से डिप्लॉयमेंट पर हैं। अतिथि विद्वान अकबर खान (समाजशास्त्र), शाजिया खान (हिंदी), कमलेश पाटीदार (इतिहास), वेदप्रकाश मलानी (अंग्रेजी) भी पढ़ा रहे हैं।
अग्रणी एसएन कॉलेज की प्राचार्य डा. पुष्पलता केसरी ने कहा प्रभारी प्राचार्य व प्रोफेसर कॉलेज चलो अभियान के तहत आसपास के क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर 12वीं के विद्यार्थियों को सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
नया बिल्डिंग, स्टाफ व सुविधाएं बढ़ने के साथ ही संकाय भी बढ़ेंगे। पंधाना में ही 3.98 हेक्टेयर क्षेत्र में जमीन का प्रस्ताव है, कलेक्टर को आवेदन भी दिया है।

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