मोदी ने फ्रांस से की 36 राफेल जेट की डील, भाजपा के स्वामी कोर्ट में देंगे चुनौती

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भारत फ्रांस की कंपनी से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए तैयार हो गया है। दोनों देशों के बीच राफेल को लेकर हुई डील के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत में लड़ाकू विमानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि 36 राफेल लड़ाकू विमान जितनी जल्दी हो सके, मुहैया कराए जाएं। खास बात यह है कि एक ओर मोदी जल्द से जल्द राफेल लड़ाकू विमानों को भारत लाना चाहते हैं, वहीं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी राफेल सौदे से खफा हैं और उन्होंने कहा है कि वह इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने स्वामी की इस चेतावनी पर कहा है कि क्या वह वास्तव में कोर्ट जाएंगे। सिंह ने कैग और सीवीसी का ध्यान भी इस राफेल जेट सौदे की ओर खींचा है।
स्वामी ने दी मोदी को चेतावनी
शुक्रवार को जारी एक बयान में बीजेपी नेता स्वामी ने राफेल लड़ाकू विमानों पर सवाल उठाए। स्वामी ने कहा कि लीबिया और मिस्र में राफेल फाइटर जेट्स की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रही है तो भारत क्यों इन जेट्स को अपने देश में लाने के लिए उत्सुक है। उन्होंने राफेल की कमियां गिनाते हुए कहा कि वे राफेल विमानों की खरीद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। स्वामी ने कहा कि अगर मोदी किसी वजह से इस मामले में मजबूर हैं तो उनके पास भी कोर्ट में पीआईएल दायर करने का विकल्प है।
‘दिवालिया होने वाली है राफेल बनाने वाली कंपनी’
स्वामी ने कहा कि राफेल विमानों में ईंधन की खपत ज्यादा होती है और कोई दूसरा देश इन्हें खरीदने के लिए तैयार नहीं हुआ। स्वामी ने कहा कि कई देशों ने राफेल खरीदने के लिए इसकी मूल कंपनी डेसाल्ट से एमओयू साइन किए, लेकिन बाद में कैंसिल कर दिए। इस वजह से यह कंपनी दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि अगर भारत को फ्रांस की मदद ही करनी है तो बजाए राफेल खरीदने के वह डेसाल्ट कंपनी ही खरीद ले।
दो सरकारों के बीच सीधा समझौता
राफेल खरीदने के लिए भारत चार बिलियन डॉलर की रकम चुकाने के लिए तैयार हुआ है। राफेल जेट्स के लिए पेमेंट भी किश्तों में की जाएगी। इस डील में ‘मेक इन इंडिया’ और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसी कोई बात नहीं है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि इंडियन एयर फोर्स को नए लड़ाकू विमानों की सख्त जरूरत है। मोदी और ओलांद के बीच सीधी बातचीत में इस बात पर सहमति बनी की उड़ाने के लिए तैयार राफेल विमानों की दो खेप जल्द से जल्द भारत को मिलेंगी। एक खेप में 18 राफेल होंगे। फ्रांस बेहतर मेंटेनेंस और सौदे की सरल शर्तों पर भी सहमत है। भारत को उम्मीद है कि राफेल सौदे के बाद दोनों देशों के बीच 20 बिलियन डॉलर के हल्के लड़ाकू विमानों पर भी बात आगे बढ़ेगी। इस सौदे के अनुसार 126 विमान खरीदे जाने हैं जिनमें से 18 फ्रांस से आएंगे जबकि बाकी 108 को भारत में ही बनाया जाएगा। इस सौदे पर पेंच यह है कि डेसाल्ट ने भारत में बनाए जाने वाले 108 विमानों की कीमत बढ़ा दी है और इनके ऑपरेशन से जुड़ी जिम्मेदारी लेने से भी इनकार कर दिया है।
अन्य देशों से भी विमान खरीदने को तैयार है भारत
भारत अमेरिका से 10 C-17 ग्लोबमास्टर और 12 C-130J सुपर हरक्युलिस जेट्स खरीदने के लिए भी सीधी बातचीत कर रहा है। इसके अलावा रूस से फिफ्थ जनरेशन के स्टील्थ विमानों की खरीद को लेकर भी फास्ट ट्रैक प्रोसेस चल रहा है।

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