परशुराम की जन्मस्थली जानापाव को शोध संस्थान के रूप में जरूर विकसित किया जा सकता है…मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान

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Shiraj singh CM

मंदिर निर्माण के लिए शासकीय राशि नहीं दी जा सकती है पर भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव को शोध संस्थान के रूप में जरूर विकसित किया जा सकता है। भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर आधारित सभी वस्तुओं का संग्रह कर भगवान के चित्र और उनके इतिहास को संजोया जाएगा। इसके लिए बैठकें करेंगे और जैसा तय होगा करते जाएंगे। विकास कार्यों के लिए रुपए की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कही। वे अक्षय तृतीया पर मंगलवार को भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव में सभा को संबाेधित कर रहे थे। चौहान धर्मपत्नी साधनासिंह के साथ जानापाव आए थे। मुख्यमंत्री ने देश की संस्कृति और गौरव पर प्रकाश डाला और कहा जब अमेरिका में शरीर को ढंकने के लिए पत्ते का उपयोग करते थे तब हमारे यहां रिचिकाएं लिखी गई।
विमान का विकास 1919 में हुआ जबकि हमारे धर्मग्रंथों में पुष्पक विमान का जिक्र है। जो आज हो रहा है हमने हजारों साल पहले कर दिखाया। आज यंत्र हैं। पहले हम मंत्रों, तप, साधना से ये काम किया करते थे। लोग एकता की बात करते हैं तो हम वसुदेव कुटुम्बकम की बात करते हैं। कोई कल्याण की बात करता है तो हम विश्व कल्याण की बात करते हैं। उन्होंने अपने उदबोधन से पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जन्मदिन की बधाई दी

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