अतिथि विद्वानों का साथ देगी एनएसयूआई, सरकार के संकेत: नियमितीकरण संभव नहीं

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

nsui_1430127749

शहर के कॉलेजों में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों की हड़ताल के कारण जहां कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार नियमितीकरण संभव नहीं है। यह बहुत पेचीदा मामला है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि हम शिक्षकों के साथ हैं। कोई न कोई रास्ता निकालने के लिए सरकार से बात की जाएगी।

इधर, अतिथि विद्वानों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही काम पूरी तरह ठप करने की भी तैयारी है। स्थिति यह है कि होलकर साइंस कॉलेज को तो 21 से 24 अप्रैल तक की प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित करना पड़ी थीं। नियमितीकरण और समान कार्य वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों ने कहा कि अब यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शासन कोई निर्णय नहीं लेता।
शिक्षकों का कहना था कि हमारा वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से भी कम है। महज 6 हजार रुपए प्रतिमाह में इंदौर के 500 से ज्यादा और प्रदेशभर के 6 हजार अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं। जबकि तय मापदंडों के आधार पर हमारा चयन होता है। इसलिए अब हमने हक मिलना चाहिए। होलकर साइंस कॉलेज में 85 अतिथि विद्वान हैं और इसी कारण यहां पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि प्रेक्टिकल की स्थगित परीक्षा जल्द आयोजित करेंगे।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...