यह यूनिवर्सिटीज भी देरही है फर्जी डिग्री

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यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने हाल ही में देश की 21 यूनिवर्सिटीज की लिस्ट जारी करके अपील की है कि स्टडेंट्स इनमें दाखिला न लें क्योंकि इन सभी की डिग्रियां वैलिड नहीं हैं। हालांकि, यूजीसी की गाइडलाइंस पर नजर डालें, तो कई दूसरी यूनिवर्सिटीज भी हैं, जो खुलेआम फर्जी डिग्रियां बांट रही हैं। इसके बावजूद, यूजीसी के अधिकारी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। जानकार मानते हैं कि ऐसा यूजीसी की लापरवाही और इसके कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से संभव हो पा रहा है।
स्टेट के बाहर डिग्री देना अवैध
यूजीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक, कोई भी प्राइवेट या डीम्ड यूनिवर्सिटी अपने स्टेट के बाहर रेगुलर या डिस्टेंस मोड में डिग्री नहीं दे सकती है। इसके बावजूद, कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज धड़ल्ले से स्टेट के बाहर डिग्रिया बांट रही हैं। ऐसी यूनिवर्सिटीज में सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी (मामला कोर्ट में), निम्स यूनिवर्सिटी, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, EIILM यूनिवर्सिटी, मेवाड़ यूनिवर्सिटी, एसआरएम यूनिवर्सिटी, जगन्नाथ यूनिवर्सिटी, सैम हिगिनबॉटम इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, विनायक यूनिवर्सिटी आदि शामिल हैं। ये अपने स्टेट के बाहर रेगुलर और डिस्टेंस मोड में डिग्रियां दे रही हैं।
यूजीसी अधिकारियों की मिलीभगत: एक्सपर्ट
यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर यशपाल ने दैनिक भास्कर डॉट कॉम से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में साफ कहा गया है कि इस तरह की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज दूसरे स्टेट में डिग्रियां नहीं दे सकती हैं लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से सबकुछ चल रहा है। यशपाल के मुताबिक, यूजीसी की खुद की गाइडलाइंस में टेरिटोरियल ज्यूरीडिक्शन और ऑफ कैम्पस डिग्री की वैधता के बारे में साफ-साफ बताया गया है।

ऑफ कैम्पस सेंटर्स खोलने की भी इजाजत नहीं
यूजीसी की गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोई भी प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी देश या देश के बाहर ऑफ कैम्पस सेंटर्स नहीं खोल सकती हैं। यूजीसी के मुताबिक, राज्य विधानसभा से पारित और यूजीसी से मंजूरी के बाद करीब दो 206 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज है जो सिर्फ अपने स्टेट में डिग्री दे सकती हैं। इसके अलावा कई डीम्मड यूनिवर्सिटीज हैं जिन्हें डिग्री देने का अधिकार तो है लेकिन स्टेट के बाहर नहीं। इसके बावजूद एमिटी, NIMS, एसआऱएम जैसी प्राइवेट यूनिवर्सिटिज ऑफ कैम्पस खोल कर डिग्रियां दे रही हैं। एमिटी यूनिवर्सिटी की तो सालों से लखनऊ, पटना और अहमदाबाद जैसे शहरों में ऑफ कैम्पस सेंटर संचालित हो रहे हैं।
फर्जी यूनिवर्सिटीज को बंद कराना मुमकिन
शिक्षाविद अनिल सदगोपाल ने दैनिक भास्कर डॉट कॉम से कहा कि यूजीसी फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट जारी कर अपना काम पूरा होना मान लेता है। हकीकत ये है कि कमीशन अवैध डिग्री देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। आईपीसी की धारा 144 और सीआरपीसी की धारा 188 के तहत इन अवैध संस्थानों और यूनिवर्सिटीज के खिलाफ कार्रवाई कर इन्हें बंद कराया जा सकता है। लेकिन यूजीसी अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध डिग्रियां देने का काम धड़ल्ले से चल रहा है।
डिस्टेंस मोड में बीएड, फिजियोथेरेपी भी गलत
दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में कई प्राइवेट संस्थान फिजियोथेरपी और बीएड जैसे कोर्स भी डिस्टेंस मोड में चला रहे हैं। ये कोर्स विशुद्ध रुप से रेगुलर कोर्स हैं। कैरियर काउंसलर पारूल राजकमल शर्मा का कहना है कि ये कोर्सेस डिस्टेंस मोड में चलाना अवैध है, फिर भी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज इस तरह की डिग्री दे रही हैं और स्टूडेंट्स और लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ऐसी यूनिवर्सिटीज ने गलत तरीके से डिग्री देने का रास्ता भी निकाल लिया है। इस तरह की यूनिवर्सिटीज रेगुलर और डिस्टेंस डिग्री में स्थान (Place) का जिक्र नहीं करती हैं। यहां तक कि डिस्टेंस कोर्स की डिग्री में कोर्स के डिस्टेंस मोड में पूरा किए जाने का जिक्र नहीं किया जाता। लिहाजा ये फर्क करना मुश्किल होता है कि स्टूडेंट्स ने उस यूनिवर्सिटी से रेगुलर डिग्री ली या फिर डिस्टेंस मोड के जरिए।
यूजीसी ने नहीं दी प्रतिक्रिया
दैनिक भास्करडॉट कॉम ने इस संबंध में यूजीसी के चेयरमैन वेद प्रकाश, सचिव जसपाल सिंह संधू, संयुक्त सचिव मंजू सिंह, रेणू चौधरी समेत कई अधिकारियों से बात करने की कोशिश की। कोई भी इस मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ ।

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