थाने में हर शिकायत पर एक्शन

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इंदौर पुलिस ने आम जनता की सुनवाई के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब थाने पर
हर शिकायत पर या तो तत्काल कार्रवाई होगी या फिर फरियादी को स्पष्ट बता दिया जाएगा कि शिकायत कार्रवाई योग्य नहीं है। डीआईजी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि ऐसा नहीं हुआ और पीड़ित मेरे पास पहुंच गया तो थाने के संबंधित अफसर को सजा मिलेगी।

थाने पर फरियादी को अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। परेशान होकर वह सीएसपी से लेकर डीआईजी और आईजी तक गुहार लगाता है। अधिकारी उसे सुनकर फिर थाने ही भेज देते हैं। अब इस व्यवस्था में पूरा बदलाव कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत सभी थाने पर ड्यूटी ऑफिसर पर रिपोर्ट और थाने आने वाले हर फरियादी की सुनवाई का जिम्मा रहेगा।
प्रत्येक शिकायत पर पुलिस अफसर को खुद अपने विवेक से निर्णय लेना होगा। टीआई वहां मौजूद हो या नहीं, अगर ड्यूटी ऑफिसर को लगता है कि रिपोर्ट सही नहीं है तो भी उसे जांच कर फरियादी को संतुष्ट करना होगा और साफ बताना होगा कि रिपोर्ट क्यों नहीं होगी। इसके बाद फरियादी अगर वरिष्ठ अफसरों तक जाता है और वहां यह सामने आता है कि ड्यूटी ऑफिसर ने जानबूझकर पीड़ित को परेशान किया है तो ड्यूटी ऑफिसर को सजा दी जाएगी।

हर शिकायत की मॉनीटरिंग के लिए विशेष सेल

डीआईजी ऑफिस में शिकायतकर्ताओं के लिए विशेष फीडबैक सेल बनाई गई है। पहले कोई भी व्यक्ति डीआईजी से मिलकर चला जाता था। उसके आवेदन पर क्या हुआ, वहां से थाने भेजे जाने के बाद क्या कार्रवाई की गई यह पूछने वाला कोई नहीं था। अब डीआईजी ऑफिस में विशेष सेल बनाई गई है। इसमें एसआई अनीता शरण और आरक्षक देवेंद्र जादौन की ड्यूटी लगाई गई है। अब जो भी व्यक्ति डीआईजी से शिकायत करने आता है तो उसका नाम-पता नोट किया जाता है। डीआईजी के निर्देश पर संबंधित थाने या अफसर को शिकायत भेजी जाती है। हर शिकायत का फीडबैक डीआईजी को बताया जा रहा है।

टीआई को ज्यादा समय फील्ड पर रहने के निर्देश
नई व्यवस्था के तहत हर टीआई को अब फील्ड पर सुबह 10 से 1.30 व शाम 6 से 12 बजे तक रहकर वाहन चेकिंग और भ्रमण के निर्देश हैं। ऐसा नहीं करने वाले टीआई की जानकारी कंट्रोल रूम से डीआईजी को दी जा रही हैं। डीआईजी खुद टीआई को कॉल कर पूछते हैं कि थाने पर क्या कर रहे हो, फील्ड पर जाओ और देखो कि तुम्हारे लोग क्या कर रहे हैं।

हम चाहते हैं लोगों की त्वरित सुनवाई हो : डीआईजी

नए सिस्टम को लागू कर दिया गया है। हम चाहते हैं कि हर अफसर जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और एक्शन ले। किसी भी शिकायत पर कार्रवाई के लिए पीड़ित को परेशान नहीं होना पड़े। जो अफसर रिपोर्ट में ढिलाई बरतेगा उसे सजा मिलेगी। लोग मेरे पास आए और पता चला कि थाने वालों ने ध्यान नहीं दिया तो भी सजा दूंगा। – संतोष कुमार सिंह, डीआईजी

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