राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में लागू होगा पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम

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शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में जल्द ही पेपरलेस मोबाइल टिकटिंग की व्यवस्था लागू होगी। इन ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों को कागज पर छपे हुए टिकट नहीं मिलेंगे, बल्कि यह टिकट उनके मोबाइल पर रहेगा। इसके अलावा, मल्टी लिंगुअल (कई भाषाओं में) रिजर्वेशन टिकट देने की शुरुआत और ‘सुविधा ट्रेन’ शुरू करने के साथ ही रेलवे महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों की ‘डुप्लिकेट’ गाड़ी चलाने सहित अनेक उपायों पर विचार कर रहा है।
CRIS ने डेवलप किया ऐप
रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रैफिक) अजय शुक्ला के मुताबिक, पेपरलेस मोबाइल टिकटिंग की सुविधा का फायदा उठाने के लिए आपको सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) की ओर से विकसित किए गए ऐप को अपने फोन पर डाउनलोड करना होगा।
शताब्दी और राजधानी में ही क्यों?
रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रैफिक) अजय शुक्ला के मुताबिक, पेपरलेस टिकटिंग धीरे-धीरे रिजर्व्ड और अनरिजर्व्ड-दोनों श्रेणियों में लागू किया जाएगा। लेकिन इसे सबसे पहले शताब्दी और राजधानी ट्रेन में लागू करने के पीछे वजह यह है कि इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों के पास मोबाइल फोन होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। शुक्ला ने बताया कि मोबाइल ऐप के जरिए इस सुविधा को देने से पहले रेलवे रिजर्वेशन वाले टिकट के कैंसल कराए जाने पर पैसे वापस करने के उपायों की भी समीक्षा कर रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
600 टन कागज की होगी बचत
इस योजना की शुरुआत करने से रेलवे 600 टन कागज की बचत कर सकेगा, जो प्रिटेंड टिकट देने और रिजर्वेशन चार्ट बनाने में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, इनकी प्रिंटिंग के दौरान होने वाले प्रदूषण के कम होने से कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आएगी।
कई भाषाओं में रिजर्वेशन कराने की सुविधा
रेलवे मल्टी लिंगुअल (कई भाषाओं में) रिजर्वेशन टिकट देने की शुरुआत भी करने जा रहा है। अभी रेल रिजर्वेशन टिकट अंग्रेजी और हिंदी में ही होते हैं। लेकिन नए पोर्टल में किए जा रहे बदलावों के बाद दूसरी भाषाओं में भी रेल टिकट रिजर्व कराने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, इन ट्रेनों में ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को सफर कराने के लिए सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में 24 कोच भी बढ़ाए जाएंगे।
एटीएएस सुविधा भी शुरू होगी
रेलवे भीड़भाड़ के मौसम में रेलयात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक रेलगाड़ी समायोजन प्रणाली (एटीएएस), ‘सुविधा ट्रेन’ शुरू करने और महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों की ‘डुप्लिकेट’ गाड़ी चलाने सहित अनेक उपायों पर विचार कर रहा है। शुक्ला के मुताबिक, रेलवे ने एटीएएस का ट्रायल शुरू कर दिया है। इसे सबसे पहले राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ के मौसम में रेलयात्री को यदि किसी खास दिन खास ट्रेन में सीट नहीं मिलती है तो इस सेवा के जरिये वैकल्पिक ट्रेन में सीट खाली होने की जानकारी मोबाइल के जरिये यात्री को उपलब्ध करा दी जाएगी।
1 जुलाई से हो सकती है शुरुआत
शुक्ला ने बताया कि ‘सुविधा रेल’ संभवत: 1 जुलाई से शुरू की जा सकती है। इन रेलगाड़ियों में प्रीमियर ट्रेनों की तरह केवल ऑनलाइन ही टिकट बुक नहीं कराया जाएगा, बल्कि काउंटरों से भी टिकट लिया जा सकेगा। शुक्ला मोदी सरकार के एक साल के दौरान रेल यातायात को लेकर किए गए प्रयासों की जानकारी दे रहे थे।

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