ट्रेन में कोई परेशान करे तो काम आएगा ये एप

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ट्रेन में कोई छेड़छाड़ करे, परेशान करे, चोरी हो जाए या लुटेरे नजर आएं, इसके अलावा कोई भी आपात स्थिति बने तो ये तीन विकल्प हमेशा याद रखें। इनसे आगामी स्टेशन के आते ही आपको मदद मिल जाएगी। रेलवे पुलिस ने यात्रियों को मदद पहुंचाने के लिए एंड्रॉइड एप्लीकेशन, वॉट्स एप नंबर और हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। कई पीड़ितों को न केवल इससे मदद मिली बल्कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है।
हाल ही में रतलाम और गुना टीआई को इस बात के लिए पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड दिया गया क्योंकि उन्होंने यात्रियों की शिकायत पर एक्शन लेने के बजाय उनसे आवेदन देकर जाने का कहा था। एसपी रेल महेशचंद जैन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया यात्री के साथ कोई घटना होती है तो वह बमुश्किल एक बार ही थाने आ पाता है। तब भी उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह फिर गंतव्य पर चला जाता है। इस प्रकार रिपोर्ट नहीं होने पर गिरोह के हौसले बढ़ते हैं।
1. जीआरपी हेल्प एप
रेलवे पुलिस ने जनवरी 2015 से जीआरपी हेल्प एप के नाम से एप्लीकेशन लांच किया है। ज्यादातर लोगों के पास स्मार्ट फोन हैं। उनके लिए यह एप बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। इस पर अभी तक 2099 शिकायतें रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। इनमें छेड़छाड़ की 100, चोरी और संदिग्ध व्यक्तियों की 1500 तथा बाकी संदिग्ध वस्तु व अन्य मामलों की हैं।
पिछले दिनों दयोदय एक्सप्रेस से जा रही एक युवती ने रात 3 बजे इस एप पर दूसरी बर्थ के युवक द्वारा छेड़छाड़ करने की शिकायत की थी। अगले ही स्टेशन पर पुलिस पहुंच गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस तत्परता का कारण यह है कि इस पर भेजी जाने वाली शिकायतें क्विक रिएक्शन टीम के साथ संबंधित टीआई एसपी और डीजी के मोबाइल पर जाती हैं।
ऐसे काम करता है एप
>एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें।
>इसके बाद इमरजेंसी हेल्प, रिपोर्ट क्राइम, रिपोर्ट सस्पीशियस पर्सन, रिपोर्ट सस्पीशियस ऑब्जेक्ट, रिपोर्ट अनऑथोराइज पर्सन, यूजफुल टिप्स, फीडबैक और कॉन्टेक्ट अस के विकल्प दिखेंगे।
>जो भी शिकायत हो उसके विकल्प पर चुनकर जानकारी फीड करें, कुछ ही देर में पुलिस आप तक पहुंच जाएगी।
2. वॉट्स-एप नंबर
रेलवे पुलिस ने हाल ही में वाट्स नंबर 7049150010 भी जारी किया है। अगर किसी मोबाइल धारक को एप इस्तेमाल करते नहीं आ रहा है तो वह वाट्स पर शिकायत भेज सकता है। रेलवे पुलिस की टीम खुद उसे संपर्क करेगी और मदद पहुंचाई जाएगी। इस नंबर का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
3. हेल्पलाइन नंबर
रेलवे पुलिस का इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1512 है। प्रदेश की सीमा में ट्रेन है तो इसे सीधे डायल कर सकते हैं। प्रदेश के बाहर होने पर 0755 कोड लगाकर यह नंबर डायल करें। इस पर मदद मिलेगी।
मॉनीटरिंग के लिए स्पेशल सेल
हर शिकायत पर त्वरित एक्शन हो रहा है या नहीं इसके लिए भोपाल में स्पेशल सेल बनाई गई है। इसका नाम जीआरपी स्टेट रिस्पांस एंड मॉनीटरिंग सेंटर है। इसके नं. 0755-2572300, 2570262, 2440738 और 7049149856 हैं। इन पर 24 घंटे व्यक्ति किसी भी बात की शिकायत दर्ज करवा सकता है। अगर एप्लीकेशन, वाट्स नंबर या हेल्प लाइन नंबर पर सुनवाई नहीं हो रही हो तो यहां शिकायत करें।
किसी भी तरह की परेशानी हो तो यात्री संपर्क करें
जीआरपी हेल्प पर आने वाली हर शिकायत को मैं खुद देख रहा हूं ताकि किसी प्रकार की कोताही नहीं हो। आधी रात को आने वाली शिकायतों पर भी एक्शन हो रहा है। लोगों से अपील है कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर संपर्क करें। थाने पर सुनवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। -महेशचंद जैन, एसपी रेल

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