फ्रीचार्ज एप के फाउंडर,घर घर जाकर बेचते थे मेहेंदी के कोन

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इंदौर-रविवार को आई आई एम इंदौर में हुई आई-5 समिट में फ्रीचार्ज एप डेवलपर कुनाल शाह की-नोट स्पीकर के तौर में शामिल हुए| समिट में उन्होंने कहा-“सक्सेस उतनी भी आसन नहीं होती जितनी हम समझते हैं लेकिन उतनी मुश्किल भी नही की प्रयास ही न करे|” उन्होंने ने बताया की फ्रीचार्ज एप डेवेलोप करने से पहले उन्होंने ड़ोर टू डोर सेल्स और मार्केटिंग भी की है| मुंबई की सडको पर मेहेंदी के कोन भी बेचे हैं| फिर समझ आया की कुछ बड़ा करना है तोह नब्ज़ पकड़नी होगी|
फ्रीचार्ज का आईडिया उनके दिमाग में कैसे आया,पूछने पर उन्होंने कहा-“ किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए इंडियन मार्किट टफ भी है और आसान भी | आप किसी चीज़ के बदले पैसे ले रहे हैं तो सेट होना मुश्किल है लेकिन फ्री चीज़ जल्दी हित होती है| फ्रीचार्ज डेवेलप करने से पहले मैंने इन्ही चीजों का धयान रखा |”
उन्होंने स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा की सफलता पाने का रास्ता असफलता के साथ ही शुरू होता है इसलिए असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए |

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