स्मार्ट सिटी की ओर…एक और कदम

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मिली जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी बनाने के लिये भारत सरकार अभी आखिरी प्रतियोगिता कराने जा रही है, जिसे सिटी चैलेंज प्रपोजल नाम दिया गया है। इसमें विशेषज्ञों द्वारा शहर के हिसाब से 25 पैरामीटरों पर आधारित एक तरीके का बायोडाटा तैयार किया जाएगा। इसमें यह बताया जाएगा कि किस तरीके से शहर को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसमें मूल तत्व यह रहेगा कि आधारभूत जरूरतों का ढांचा तैयार करना है लेकिन स्मार्ट साल्यूशंस के साथ। इन 25 बिन्दुओं के लिये ही विशेषज्ञ संस्था को चयनित किया गया है। लेकिन दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने यह भी महसूस किया कि डीपीआर और प्रपोजल तो तैयार हो जाएंगे लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं होगा तो नतीजे नहीं आएंगे। साथ ही यह भी तय किया कि यह देखा जाए कि संबंधित संस्थाएं अभी किस तरीके से क्रियान्वयन के लिये गंभीर है। इसके लिये 35 बिन्दु तय किये है। जिससे संस्था की प्रशासनिक कार्यकुशलता का अंदाजा लगाया जाएगा। इसमें संस्था की खुद की वेबसाइट, आनलाइन शिकायत निवारण जैसे आसान चुनौतियां तो है लेकिन उससे जो कठोर चुनौतिया दूसरे चरण को पास करने के लिये उसमें तो नगर निगम सतना बैकफुट पर नजर आ रहा है। यदि इसमें तेजी से सुधार नहीं होता और कठोर कदम नहीं उठाए जाते हैं तो� निगम को दूसरे चरण की चुनौती को पास करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
दूसरे चरण की चुनौती के लिये दो स्तर के मूल्यांकन रखे गये हैं जिसमें पहला नगर स्तरीय मूल्यांकन मानदण्ड शामिल है जिसमें 30 अंक है तथा दूसरा प्रस्ताव स्तरीय मूल्यांकन शामिल है जिसमें 70 अंक है। नगर स्तरीय मूल्यांकन में क्रियान्वयन की विश्वसनीयता को परखा जाएगा। मतलब, सरकार देखेंगी कि संबंधित संस्था में क्रियान्वयन की क्षमता है कि नहीं। मसलन इसमें एक सवाल है कि विगत तीन वर्षों में औसत यातायात भीड़-भाड़ में कमी हुई है या नहीं? पदयात्री सुविधाओं में वृद्धि हुई है या नही? सार्वजनिक परिवहन में सुधार हुआ है या नहीं?। फुटपाथ पर बसे अतिक्रमणकारियों पर फोकस करते हुए निगम को वृहद अभियान चलाए जाने की जरूरत है। इसके बाद सिटी विजन और कार्यनीति की बात करें तो इसमें आज तक निगम ने कोई सिटी विजन और कार्यनीति जनता के सामने नहीं रखी है। अगर उक्त बिंदुओं पर निगम की ओर से कार्य नहीं शुरू कराया गया तो कहीं न कहीं दूसरे शहर हम पर भारी पड़ सकते हैं। वहीं दूसरा भाग जो 70 नंबर का होगा, उसमें तो जिम्मेदारी वायन्टस संस्था की होगी कि वह किस बेहतरी और खूबसूरती से प्रस्ताव तैयार करती है।

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