ओडिसी नृत्य से बढ़ाया शहर का मान

odissi

इंदौर। सात बरस की उम्र में अनुषा ने शहर की छंदक नृत्य एकेडमी से ओडिसी सीखना शुरू किया था। 2011 में वे दिल्ली में आईसीसीआर यानी इंटरनेशनल काउंसिल फॉर कल्चरल रिसर्च के कार्यक्रम में परफॉर्म कर रही थीं। वहां ओडिसी नृृत्यांगना गीतांजलि आचार्य ने उनका डांस देखा और अनुषा से कहा, वो उन्हें सिखाना चाहती हैं। तब से गीतांजलि ही उनकी गुरु हैं।

गौरतलब है कि गीतांजलि आचार्य ओडिसी के पितामह कहे जाने वाले गुरु केलुचरण महापात्र की शिष्या हैं। अनुषा तब से हर साल तीन बार यानी गर्मियों की छुट्टियां, दीपावली और क्रिसमस की छुट्टियों में दिल्ली जाकर उनसे आेडिसी सीखती हैं।

अनुषा भुवनेश्वर में आयोजित इंटरनेशनल डांस फेस्टिवल में परफॉर्म कर चुकी हैं और बालश्री अवॉर्ड के लिए स्टेट लेवल पर सिलेक्ट हो चुकी हैं। स्कूल की पढ़ाई और कोचिंग के बावजूद डांस को रोज दो- तीन घंटे देती हैं। ओडिसी की नाजुक मुद्राआें में दक्षता पाने के साथ ही वे एनसीसी की टफ ट्रेनिंग में भी आगे हैं। एनसीसी में भी उन्हें स्टेट लेवल कैंप में शूटिंग में ‘ए’सर्टिफिकेट मिला है।
अनुषा जैन वैसे तो आईआईटी में प्रवेश के लिए तैयारी कर रही हैं पर उनका लक्ष्य ओडिसी परफॉर्मर बनना ही है। नृत्य को उन्होंने इस तरह अपनाया है कि वो ओडिसी के साथ-साथ कथक भी सीख रही हैं। एक समय में दो टफ डांस सीखना आसान नहीं है। मगर अनुषा अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इसे पूरा करने में जुटी हैं। उनका कहना है, अगर आईआईटी में उनका एडमिशन हो जाता है तब भी वो डांस नहीं छोड़ेंगी।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *