‘जय गंगाजल’ के प्रमोशन के लिए निर्देशक प्रकाश झा इंदौर आए

prakash jha

इंदौर। हिंदुस्तान की तस्वीर आज कुछ ऐसी बदली है जो पहले किसी ने सोची भी न होगी। आज फिल्म इंडस्ट्री जिम्मेदारी के साथ समाज के हर पहलू को दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रही है। फिल्म ‘जय गंगाजल’ में महिलाओं की बदलती सोच और जिम्मेदारी को एक अलग अंदाज में पेश किया गया। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह देश के हर शहर में महिला पुलिस ऑफिसर ‘मर्दानी’ की तरह अपनी पुलिस की नौकरी कर रही है। यह बात ‘अपहरण, गंगाजल,राजनीति’ के निर्देशक प्रकाश झा ने कहीं। वे शहर में सोमवार को फिल्म ‘जय गंगाजल के प्रमोशन के लिए अभिनेता मानव कौल के साथ आए थे।

प्रकाश ने कहा कि अब फिल्मों को सेंसरशिप की जरूरत नहीं है। समाज इतना परिपक्व हो गया है कि उसे अच्छा या बुरा बताने की जरूरत नहीं है। प्रकाश झा ने कहा कि मप्र को मैंने पहली बार अपने नजरिए से शूटिंग के सबसे बड़े हब के तौर पर देखा। इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है कि यहां थिएटर से जुड़े कलाकारों की लंबी फेहरिस्त है, जो किसी भी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नींव की तरह काम करती है। ऐसे कलाकारों के साथ काम करने पर आपको भी एक अलग एनर्जी मिलती है।

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