भारत ने किया 5वें नौवहन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

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भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक कदम आगे बढ़ते हुए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से एक और उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। इसरो के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रक्षेपण आशानुरूप रहा। पीएसएलवी की यह 33 वीं जबकि पीएसएलवी विस्तारित वर्जन की यह 11 वीं उड़ान हैं।
अब तक शृंखला के सात में से चार उपग्रहों को पहले ही पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जा चुका है। इसी श्रृंखला का पांचवा उपग्रह आज प्रक्षेपित किया गया। इसमें आईआरएनएसएस प्रणाली के सात में से तीन उपग्रहों को 36 हजार किमी की ऊंचाई पर भू-स्थैतिक कक्षा में स्थापित किया जाना है। 5वें नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1 ई को प्रक्षेपण के बाद 28 4 किमी (पेरिगी) गुणा 206 57 किमी (एपोगी) वाली भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए भारत के पहले एस्ट्रोसैट सैटेलाइट यानी \’एस्ट्रोसैटÓ ने अंतरिक्ष में 100 दिन पूरे कर लिए हैं। यह देश की पहली वेधशाला है जिसने अंतरिक्ष में सौ दिन पूरे किए हैं। इसरो ने पिछले वर्ष सितम्बर में देश की पहली वेधशाला का प्रक्षेपण किया था।

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