निदा फाजली की याद में सजी गजलों की महफिल

ghazal

इंदौर. मशहूर शायर निदा फाजली इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनका कलाम गजलों और नज्मों के रूप में लोगों के दिलों हमेशा के लिए दर्ज हो चुका है। निदा फाजली को खिराजे अकीदत पेश करते हुए संस्था अदब की महफिल ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें निदा फाजली और जगजीत सिंह को याद करते हुए उनकी गजलें गाई गईं। गायक शोएब खान और नीतू शोएब ने लोगों को आनंदित किया।

महफिल की निजामत करते हुए रवि खोकर ने निदा फाजली की शख्सियत के बारे में कुछ बातें की। शोएब खान ने गजलों का सिलसिला शुरू करने के लिए फिल्म आप तो एेसे न थे कि गजल चुनी, तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है….। खनकदार आवाज और सधे हुए स्वरों ने उन्हें तालियों का हकदार बनाया। इसके बाद कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता ….में भी उनका वही अंदाज कायम रहा। तीसरी गजल राहों पे नजर रखना में उनका साथ नीतू शोएब ने दिया। नीतू ने एक सोलो रचना भी गाई क्यों जिंदगी की राह में मजबूर हो गए….।

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