यूके-इंडियन स्टूडेंट्स ने गांव में बनाया सोलर वॉशरूम

solar washroom

इंदौर। पढ़ाई के साथ-साथ अगर उसकी सीख का सही इस्तेमाल भी हो जाए तो समाज निश्चित रूप से तरक्की के नए आयाम रचता है। कुछ ऐसा ही इंडियन और यूके स्टूडेंट्स ने कर दिखाया है। सोसायटी के लिए इस युवा पीढ़ी ने न केवल अपनी शिक्षा का बल्कि नैतिक मूल्यों का भी बखूबी प्रदर्शन किया है। इन स्टूडेंट्स ने इंजीनियरिंग स्किल का यूज कर वॉशरूम बनाए।
पागनिसपागा गवर्नमेंट स्कूल में तैयार किए गए वॉशरूम प्रोजेक्ट के लिए यूके की डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी, यूके से 15 स्टूडेंट्स शहर के एक स्कूल में आए हैं। इन्होंने इंडियन स्टूडेंट्स के साथ मिलकर वॉशरूम तैयार किया। खास बात यह है कि, स्टूडेंट्स ने सोलर वॉशरूम बनाए जिसमें सोलर एनर्जी से एलईडी लाइट्स के जरिए रोशनी हो सकेगी।
यूके से आई जेसिका बोजिक ने कहा, किसी भी देश में सोसायटी को अच्छा रखने में वहां के लोगों को बहुत बढ़ा हाथ होता है। अगर कुछ समय भी हर नागरिक निकालता है तो बेहतर सोसायटी का निर्माण किया जा सकता है। एलीस डेविस ने बताया, इंडिया में यहां के स्टूडेंट्स के साथ काम करके अच्छा लगा। इस टीम वर्क से हमने एक स्कूल के लिए वॉशरूम बनाया है। यह अहसास अच्छा है। स्टूडेंट लूसी हॉल्ट ने कहा, इस प्रोजेक्ट के लिए यूके में ट्रेनिंग ली थी। इससे पहले यूके में भी ऐसे कई प्रोजेक्ट को पूरा किया है।
इंडिया में वॉशरूम प्रोजेक्ट पूरा करने के बाद यूके स्टूडेंट्स ने हेरिटेज विजिट की। वे भोपाल, सांची और भीमबेठिका गुफाओं में पहुंचे। यहां उन्होंने इंडियन कल्चर को करीब से जाना। इंदौर के स्कूल की इंटरनेशनलिज्म डीन सरीता बधवार ने बताया, सभी स्टूडेंट्स ने टीम वर्क के साथ इस काम को पूरा किया।

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