संगीत मार्तंड पं. जसराज इंदौर आये

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यशवंत क्लब में शुक्रवार शाम होने वाले कार्यक्रम ‘जलसा’ में शिरकत करने के लिए शहर आए पं. जसराज ने मालवा की मिट्टी को याद करते हुए कहा कि पहले जब देश के अलग-अलग हिस्सों में अकाल की स्थिति बनती थी तो लोग ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ वाले इसी इंदौर में आकर शरण लेते थे। यहां की नर्मदा ने गुजरात को भी समृद्ध प्रदेश बना दिया।
संगीत मार्तंड पं. जसराज जितने बड़े कलाकार हैं, उतने ही जिंदादिल इंसान हैं। उनका सांगीतिक ज्ञान जितना गहरा है उतनी ही ऊंचाई पर है उनका अध्यात्म पक्ष। वे पूरी साफगोई से कहते हैं कि इंदौर मेरे लिए संगीत का तीर्थ है। अमीर खां साहब से लेकर लता मंगेशकर तक महान कलाकारों की यहां लंबी परंपरा रही है। काश मैं भी यहीं पैदा होता।

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