किन्नर अखाडा है कुम्भ का मुख्य आकर्षण

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में भले ही किन्नरों को लगभग मेला क्षेत्र के आखिरी कोने में कैंप के लिए जगह मिली है लोग किन्नर संतों को देखने के लिए यहां तक भी आ रहे हैं। शैव और वैष्णव अखाड़ों की तरह ही किन्नरों ने भी अपने अखाड़े के कुछ नियम तय किए हैं, जिनको मानने वाला ही इस अखाड़े में शामिल हो पाएगा।

उज्जैन कुंभ में पहली बार शामिल होने वाले किन्नर अखाड़े के लिए यह बहुत गर्व की बात है

उज्जैन कुंभ में पहली बार शामिल होने वाले किन्नर अखाड़े के लिए यह बहुत गर्व की बात है

बदलना चाहते हैं छवि
किन्नर अखाड़े की महाराष्ट्र पीठाधीश्वर पायल गुरु का कहना है अखाड़ा सिर्फ इसलिए नहीं बनाया गया है कि हम धर्म के क्षेत्र में कोई दखल चाहते हैं, दरअसल इस अखाड़े का मकसद है किन्नरों की छवि को बदलना। शादी और जन्म के मौके पर जो किन्नरों की बधाई टोली चलती है उनको छोड़कर शेष जो किन्नर रेल या अन्य जगहों पर पैसा मांगते हैं या कोई ऐसा काम करते हैं जिससे किन्नरों की छवि खराब होती है, उन लोगों को बदलने के लिए प्रेरित करना इस अखाड़े का मूल उद्देश्य है।

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