आईआईएम इंदौर में रिसर्च एंड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस शुरू

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रिसर्च और एकेडमिक्स की फील्ड आसान नहीं है। संभव है कुछ दिन, महीने या साल तक आपके रिसर्च पेपर किसी बड़े रिसर्च जर्नल में प्रकाशित न हों, परंतु निराश होने की बजाए आपको लगातार प्रयास जारी रखना चाहिए। अपनी असफलता को स्वीकार कर आगे बढ़िए।
यह बात आईआईएम कोलकाता से आए प्रोफेसर सौगाता रे ने कही। वे आईआईएम इंदौर में चार दिनी एक्सीलेंस इन रिसर्च एंड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ सत्र में शोधार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि करियर में प्रयोग करते रहना बेहद जरूरी है। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए नए-नए प्रयोग करते रहिए। विद्यार्थियों को स्मार्ट टीचर्स से भी सीखना चाहिए जो शोधार्थी भी हैं।
कार्यक्रम में आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर ऋषिकेश टी. कृष्णन ने कहा कि इस चार दिन कॉन्फ्रेंस में सभी शोधार्थी को विभिन्न विषय विशेषज्ञों को सुनने का मौका मिलेगा, जिससे उनके अपने रिसर्च एजेंडा बेहतर बन पाएंगे। इस दौरान प्रस्तुत शोधपत्र शोधार्थी के लिए साहित्य सर्वेक्षण का हिस्सा बनेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में 200 से ज्यादा पेपर और पोस्टर्स प्रस्तुत किए जाएंगे।
पहले दिन इकोनॉमिक्स, इंटरप्रेन्योरशिप, लॉजिस्टिक एंड सप्लाई चैन मैनेजमेंट, पेडागॉगी इन मैनेजमेंट स्टडीज, माकेटिंग, फाइनेंस, इनफार्मेशन सिस्टम्स इन मैनेजमेंट, एथिकल बिजनेस प्रैक्टिस जैसे विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।

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