बैंकों की तरह काम करेंगे डाकघर, दुनिया में सबसे बड़ा होगा नेटवर्क

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सरकार ने 800 करोड़ रुपये के कोष के साथ भारतीय डाक भुगतान बैंक के गठन के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। सितंबर 2017 तक इसकी 650 शाखाओं को परिचालन में लाने की योजना है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी।
प्रसाद ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने डाक भुगतान बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हमारे पास 1.54 लाख डाकघर हैं, जिसमें 1.39 लाख डाक घर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। देश में डाक भुगतान बैंक की 650 शाखाओं को स्थापित किया जाएगा जिन्हें ग्रामीण डाकघरों से जोड़ा जाएगा।’’
मंत्री ने कहा कि भुगतान बैंक का परिचालन मुख्य कार्यपालक अधिकारी करेगा और इसे पेशेवर तरीके से प्रबंधित किया जाएगा। इसमें विभिन्न अन्य सरकारी विभागों का भी प्रतिनिधित्व होगा जिसमें डाक विभाग, व्यय विभाग, आर्थिक सेवा विभाग आदि शामिल हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘डाक भुगतान बैंक के पास 800 करोड़ रुपये का कोष होगा। इसमें 400 करोड़ रुपये इक्विटी तथा 400 करोड़ रुपये अनुदान होगा। सितंबर 2017 तक डाक भुगतान बैंक की सभी 650 शाखाएं परिचालन में आ जाएंगी। हमने पहले इन सबके लिए तीन साल की योजना बनाई थी लेकिन अब हम एक साल में यह करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाकघरों में सभी ग्रामीण डाक सेवकों को मार्च 2017 तक हस्तचालित उपकरण दिया जाएगा। प्रसाद ने कहा, ‘‘हम आगे इसे और मजबूत कर रहे हैं। मैंने शहरी डाकघरों में डाकियों को आईपैड तथा स्मार्टफोन देने के लिये अधिकारियों के साथ चर्चा की है।’’ फिलहाल डाक घरों का कोर बैंकिंग नेटवर्क भारतीय स्टेट बैंक से बड़ा है। एसबीआई के पास 1,666 कोर बैंकिंग शाखाएं हैं जबकि 22,137 डाकघरों में कोर बैंकिंग सुविधाएं हैं।

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