फैशन इंडस्ट्री में करियर के लिए रिसर्च और जुनून जरूरी

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इंदौर में फैशन इंडस्ट्री में काफी प्रगति हुई है। युवा अब इस इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए कोशिश कर रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं, उनके काम में नयापन है। इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने के लिए छोटे शहरों के डिजाइनर्स को इंडस्ट्री के बारे में अच्छे से रिसर्च करना चाहिए। ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘रामलीला’ जैसी फिल्मों के लिए ड्रेस डिजाइन कर चुकी अंजू मोदी ने युवाओं को जुनून के साथ काम करने की सलाह दी। वे यहां फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने शुक्रवार को शहर आईं।
युवा डिजाइनर्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर फैशन डिजाइनर अंजू मोदी का कहना है कि फैशन ट्रैंड, स्टाइल, फैब्रिक के साथ ही फैशन में क्रिएटिविटी के लिए वह रिसर्च करें और जो पहले से स्थापित है, उनके साथ काम कर अनुभव लें, तो उन्हें इंडस्ट्री में नाम बनाने में दिक्कत नहीं होगी। अंजू मोदी के साथ उनकी बहू और फैशन डिजाइनर प्रियंका भी आई थी। अंजू जहां ब्राइडल कलेक्शन पर काम करती हैं, वहीं प्रियंका पहनने में सहूलियत वाले कपड़े डिजाइन करती हैं।
इंडियन कलेक्शन की गूंज न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी है। अंजू ने बताया कि इंडियन ब्राइडल कलेक्शन मिडिल ईस्ट और विदेशों में बसे भारतीयों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। लोग शादी-ब्याह के अवसर पर भारतीय परिधानों को खासी तवज्जो दे रहे हैं।
फैशन इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में डिजिटल मीडिया ने खासी भूमिका अदा की है। प्रियंका मोदी ने बताया कि आज से 30 साल पहले फैशन इंडस्ट्री के बारे में जानने के लिए संसाधनों की कमी थी, लेकिन आज यू-ट्यूब, फैशन चैनल, सोशल मीडिया जैसे साधन हैं। इनसे जो युवा फैशन कॉलेज नहीं जा सकते, वह घर बैठकर ही नए ट्रैंड के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं।
अंजू मोदी ने बताया कि आज पारंपरिक डिजाइन पर काफी काम हो रहा है। फैशन डिजाइनर पारंपरिक मटेरियल और डिजाइन को नया रूप दे रहे हैं। वह खुद ‘बाजीराव मस्तानी’ के लिए कई शहरों में गई और वहां का कल्चर देखा। वहां की पारंपरिक डिजाइन को समझा। तब 300 साल पुरानी चीजों को अपनी डिजाइन में जोड़ पाईं।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.