ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5 लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्ताव

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

shivran_singh_20161023_172311_23_10_2016

पांचवीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5 लाख 62 हजार 847 करोड़ रूपये के 2630 इन्टेंशन टू इन्वेस्ट यानि निवेश के इरादे मिले हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आयोजन के समापन पर बताया कि समिट में 42 देशों के लगभग 4 हजार निवेशकों ने भाग लिया। अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इंदौर में 16 और 17 फरवरी 2019 को होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं —-

-निवेशकों की औद्योगिक परियोजना का प्रस्ताव प्राप्त होते ही उसके क्रियान्वयन से उसके पूर्ण होने तक तथा इकाई को स्वीकृत सहित समस्त सुविधाओं के वितरण तक की मानीटरिंग के लिये “इनवेस्ट” नाम से पोर्टल तैयार किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से सुविधाओं की समीक्षा की जाकर निर्धारित समय सीमा में अनुमतियां सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।
-निवेशकों को लगने वाली सभी अनुमतियों को लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया जायेगा। इससे उन्हें निर्धारित समय पर अनुमतियाँ मिल सके।
-50 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिये एक रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त किया जायेगा। यह रिलेशनशिप मैनेजर निवेशक के सम्पर्क में रहकर क्रियान्वयन में सहयोग करेगा।
-रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने के लिये एक नई आकर्षक नीति तैयार की जायेगी ताकि मध्यप्रदेश रेडीमेड गारमेंट का हब बन सके।
-आईटी एवं नॉन पाल्यूटिंग इंडस्ट्रीज एवं पीएसपी निवेशकों को शहरों की प्लानिंग एरिया में कृषि भूमि के लिये डायवर्शन के नियमों को सरल किया जाकर समय-सीमा में अनुमति दी जायेगी।
-पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा दी जाने वाली अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल किया जायेगा तथा नॉन पाल्यूटिंग इंडस्ट्रीज के लिये व्हाइट लिस्ट को बढ़ाया जायेगा।
-मनोरंजक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये छोटे शहरों में मल्टीप्लेक्स बनाये जाने की नीति को आकर्षक बनाया जायेगा। न्यूनतम सीटों की संख्या 500 से घटाकर 200 की जायेगी।
-जीएसटी लागू होने के बाद भी जो सुविधाएं निवेशकों को मिल रही हैं वे मिलती रहेंगी।
-इंदौर एयरपोर्ट से पीथमपुर की मेन कनेक्टीविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जायेगा। इसके लिये 50 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इंदौर एवं भोपाल एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के लिये भारत सरकार से अनुरोध किया जायेगा।
-रोजगार कार्यालयों को पीपीपी के माध्यम से प्लेसमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा।
-शहरी विकास को गति देने के लिये वर्टिकल डेव्हलपमेंट की अवधारणा को शामिल करने के लिये टीडीआर एवं टीओडी की सुविधा देने के लिये नियमों में शीघ्र संशोधन किया जायेगा।
-व्यापारी एवं उद्योगपति ससम्मान अपना व्यवसाय कर सकें। इसके लिये कानून में जो प्रावधान आवश्यक होंगे चाहे वह राज्य स्तर पर हों या केन्द्र स्तर उनमें संशोधन के लिये विशेषज्ञों की राय ली जाकर कार्रवाई की जायेगी।
-मास्टर प्लान एरिया में सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिये नगर विकास योजना का क्रियान्वयन निजी पूंजी निवेशकों के माध्यम से कराया जा सकेगा।
-प्रदेश की भरपूर खनिज सम्पदा का विस्तृत सर्वेक्षण करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया जायेगा।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.